चीन में कोरोना से हालात भयावह, लोगों को मिल रहा बस एक बार खाना !

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कोरोना के नए वैरिएंट सामने आने से लोगों ने चौथी लहर के आने का अंदेशा लगाना शुरू कर दिया है. कोरोना के नए वैरिएंट XE ने भी भारत के 2 राज्यों में दस्तक दे दी है. भारत में इस वैरिएंट से बचने के लिए सरकारों ने उचित कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. दुनिया के कई देशों में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, जिस कारण स्वास्थ एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गई हैं. कोरोना की शुरुआत चीन से मानी जाती है. अगर अभी चीन की बात करें तो वहां पर बहुत बुरी स्थिति है. बढ़ते केसों के बाद चाइना और यूके के क्या हालात हैं, यह जान लीजिए.

चाइना (China)

रिपोर्ट के मुताबिक, चाइना में पिछले 24 घंटे में 1500 नए केस सामने आए हैं. इनमें से शंघाई में 1,189, जिलिन में 233, ग्वांगडोंग में 22, हैनान में 14 और झेजियांग में 12 मामले दर्ज किए गए हैं.

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, चाइना में लगातार कोरोना के मामले बढ़ने के कारण दुनिया का सबसे सख्त लॉकडाउन लगाया गया है. लगातार चाइना के वीडियो सामने आ रहे हैं, जहां पर लोगों को खाना और आवश्यक चीजें भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं. पिछले मंगलवार (5 अप्रैल) से शहर में पूरी तरह से लॉकडाउन है. COVID-19 के सख्त लॉकडाउन के कारण वहां के लोगों को आवश्यक वस्तुओं तक पहुंचने के लिए भी काफी संघर्ष करना पड़ रहा है. यह कहना भी गलत नहीं होगा कि वहां के लोगों को खाना भी नसीब नहीं हो रहा है.

शंघाई के चांगझौ, जिआंगसु से कुछ फुटेज सामने आई थीं. जहां पर लोगों की भीड़ की जरूरी चीजों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ती नजर आ रही है. ट्विटर पर इस भीड़ वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें लिखा है, “चीन का सबसे बड़े और धनी शहर शंघाई में कोविड लॉकडाउन के तहत खाने के लिए दंगा” कुछ अन्य वीडियो भी शेयर हुए हैं जिनमें मेडिकल सेंटर्स और सुपरमार्केट के आसपास लूट हो रही है.

Hongkong Post के मुताबिक, वहां के लोगों का कहना है कि वे लोग दिन में केवल एक बार भोजन करते हैं. शंघाई में महामारी की स्थिति बिगड़ती जा रही है. अधिकारियों का कहना है शहर अनिश्चित काल के लिए बंद रहेगा. जिसका मतलब है वहां के निवासियों को अपने घरों को छोड़ने की अनुमति नहीं है.

CNN के मुताबिक, वहां के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायरस लोगों को काफी प्रभावित कर सकता है. साथ ही बुजुर्ग और बिना वैक्सीनेशन वाले लोगों को इसका जोखिम अधिक है. शंघाई में 1 मार्च से अब तक 1.30 लाख से अधिक COVID-19 मामले सामने आए हैं.

यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom)

रिपोर्ट के मुताबिक, यूके के प्राइम मिनिस्ट बोरिस जॉनसन 8 अप्रैल को कहा था, अगर अधिक कोविड मामले या घातक कोविड वैरिएंट सामने आते हैं तो इंग्लैंड में फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है.

Dailymail के मुताबिक, यूके में पिछले 3 दिनों में 91,304 मामले सामने आए हैं. 3 अप्रैल को इंग्लैंड में प्रति 1 लाख लोगों पर कोविड की दर 20.5 प्रतिशत पहुंच गई है. यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (UKHSA) के आंकड़ों से पता चला है, अस्पतालों में कोविड के मरीज कम हो रहे हैं. पिछले तीन दिनों में 348 कोविड की मौतें भी दर्ज की गईं जो पिछले सप्ताह से 66 प्रतिशत कम थीं. पिछला हफ्ता खत्म होने पर पॉजिटिव मरीजों की संख्या में 36 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है.

भारत (India)

भारत की बात की जाए तो भारत में कोरोना के नए वैरिएंट XE की एंट्री हो चुकी है. 2 केस सामने आने के बाद स्वास्थ विभाग अलर्ट हो गया है. अगर पिछले 24 घंटे की बात की जाए तो इंडिया में 796 मामले सामने आए हैं और 19 लोगों की मौत भी हुई है. COVID-19 मामलों में रिकवरी रेट 98.76 रही. मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के मुताबिक, देश में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 10,889 है और एक्टिव केसों का प्रतिशत 0.03 % हैं.लेकिन नए वायरस को लेकर सुरक्षा बरतने की सलाह दे रही है. अगर लापरवाही बरती गई तो कोरोना के मामलों में उछाल आ सकता है.