पाकिस्तान में 75 रुपये का एक टमाटर…’ कीमतों में क्यों लगी आग
दुनिया भर में खुद को ‘शांति का दूत’ और ‘डायलॉग का समर्थक’ बताने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान, अपने ही घर में बुनियादी संकटों से जूझ रहा है. इंटरनेट पर फर्जी वीडियोज और प्रोपैगेंडा वायरल करवा रहा पाकिस्तान अपने घर में शांति नहीं कर पा रहा है. IMF समेत कई देशों के कर्ज की बदौलत पल रहा पाकिस्तान यह भूल गया है कि उसकी हकीकत सिर्फ दुनियाभर में अशांति और आंतकवाद फैलाने भर की है. जबकि मध्यस्थ बनने के कई दावे उसे उलटे भी पड़ रहे हैं. खुद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शहबाज शरीफ के दावे को खारिज कर दिया है. हाल ही में इसके कई वीडियोज सोशल मीडिा पर वायरल हो रहे हैं. जिसमें एक सांसद, संसद के अंदर खड़े होकर टमाटर महंगाई पर बोल रहे हैं. इस दौरान उनके हाथ में टमाटर है और वो यह कह रहे हैं कि उन्हें यह एक टमाटर बहुत मुश्किल से मिला है. जिसकी कीमत 75 रुपये है. अब सोचिए एक आम आदमी टमाटर खाने की चाहत भी नहीं रख सकता, क्योंकि उसे 75 रुपये में सिर्फ एक टमाटर का पीस ही मिल पाएगा.
इसके अलावा पाकिस्तान कितना कर्ज में है, इससे भी सारी दुनिया वाकिफ है. एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान पर करीब 130 अरब डॉलर का बाहरी कर्ज है और हर साल भारी रकम सिर्फ उसकी किस्त और ब्याज चुकाने में चली जाती है. IMF के सहारे चल रही अर्थव्यवस्था बार-बार बेलआउट मांगती है, लेकिन आम लोगों को राहत नहीं मिल रही. खुद के घर में मस्जिद, मदरसे और स्कूल जैसी चीजें भी सुरक्षित नहीं है. दुनियाभर में आतंकवाद परोस रहा है. ऐसे में सवाल यही उठता है कि जब अपने देश में आतंकवाद, महंगाई, बेरोजगारी और कर्ज का संकट काबू में नहीं है, तो दुनिया को शांति का संदेश कितना प्रभावी होगा? हालांकि इसके नतीजे जल्द ही सामने आने शुरू हो गए हैं. खुद शहबाज शरीफ के दावे के जेडी वेंस ने खारिज कर दिया है.
A single tomato now costs ₹75 in Pakistan — when a basic kitchen staple turns into a luxury, survival of the common man becomes challenging.
All while the state elites & corrupt Pak Army Generals living king size life.@TahaSSiddiqui @nabilajamal_ @husainhaqqani @Arzookazmi30 pic.twitter.com/RwlskF8Dii
— Nighat Abbas (@Nighat_Abbass) April 8, 2026
दरअसल, शहबाज शरीफ ने खुद को ग्लोबल लीडर बनाने की होड़ में ईरान-अमेरिका के बीच हुए सीजफायर की जानकारी दी लेकिन वो जानकारी ही गलत दे दी. उन्होंने अपने ट्वीट में बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता सफल रही है और सीजफायर लेबनान में भी लागू होगा. उन्होंने इसे एक बड़ी कूटनीतिक जीत की तरह पेश किया. हालांकि, उनके इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम पैदा कर दिया, क्योंकि सीजफायर को लेकर इजरायल और अमेरिका के बयान बिल्कुल अलग हैं.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शहबाज शरीफ के बयान को खारिज कर दिया और कहा कि सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है. बुडापेस्ट में मीडिया से बात करते हुए जेडी वेंस ने कहा,’मुझे लगता है कि ये एक तथ्य गलतफहमी की वजह से आया है. ईरानियों ने सोचा कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल है, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं था. हमने कभी ऐसा वादा नहीं किया. हमने कभी ये संकेत भी नहीं दिया कि ऐसा होगा.’
