ट्रम्प ने NATO देशों को कायर बताया, बोले- अमेरिका के बिना वे कागजी शेर, जंग में साथ नहीं दिया इसे याद रखेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान युद्ध में साथ न देने पर NATO सहयोगी देशों पर नाराजगी जताई है। ट्रम्प ने कहा है कि NATO देश कायर हैं और अमेरिका के बिना यह गठबंधन सिर्फ कागजी शेर है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, वे न्यूक्लियर ताकत वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। अब जब यह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, तो वे तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं।
ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए कहा कि इसे खुला रखने के लिए सैन्य मदद देना आसान है, लेकिन सहयोगी देश इसमें भी पीछे हट रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह बहुत आसान सैन्य कदम है, जिसमें बहुत कम जोखिम है, लेकिन वे मदद नहीं करना चाहते। कायर हैं, और हम इसे याद रखेंगे।”
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन घंटों में उसके पूर्वी क्षेत्र में 38 ड्रोन को मार गिराया गया है। मंत्रालय के अनुसार, सभी ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, ड्रोन कहां से आए थे, इसकी जानकारी नहीं दी गई है और किसी नुकसान या हताहत की भी खबर नहीं है। लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के बीच सऊदी अरब अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए हुए है।
ईरान ने यूएई के रास अल-खैमाह शहर को लेकर सख्त चेतावनी दी है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित अबू मूसा और ग्रेटर तुंब द्वीपों पर फिर से हमला हुआ, तो रास अल-खैमाह को निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने कहा कि वह अपनी जमीन और संप्रभुता पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब देगा। इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि यह इलाका दुनिया के लिए बेहद अहम तेल और गैस मार्ग माना जाता है।
दक्षिणी लेबनान के बिंत ज्बैल जिले के घंदूरियेह इलाके में इजराइल ने एक घर पर हवाई हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, इजराइल ने टायर जिले के नकूरा शहर में भी भारी गोलाबारी की है।
लगातार हो रहे इन हमलों के कारण इलाके में तनाव बना हुआ है और हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
