रिकार्ड समय दुर्गम वन क्षेत्र में लगाए गए दो नए ट्रांसमिशन टावर

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रायपुर: दुर्गम वन क्षेत्र में पेड़ गिरने से दो विशाल ट्रांसमिशन टावर के क्षतिग्रस्त होने से लगभग 100 गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित थी, जिसे रिकार्ड 56 घंटे के भीतर दुरुस्त कर लिया गया। मुश्किल परिस्थितियों में 4-4 टन भारी लोहे के 90 फीट ट्रांसमिशन के दो टावर खड़ा करना एक कठिन चुनौती थी, जिसे छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर पूरा कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने में सफलता प्राप्त की।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के चेयरमेन श्री अंकित आनंद (आईएएस) ने पूरी टीम को इसके लिए बधाई दी और इस कठिन चुनौती को समय से पूर्व पूरा करने के लिए उनकी प्रशंसा की है। पखांजूर-भानप्रतापपुर 132 केवीए अतिउच्चदाब (ईएचटी) की 66 किलोमीटर लंबी लाइन जंगलों से होकर गुजरती है। 29 मार्च को दुर्गकोंदल-बड़गाम के बीच में भुसकी कैंप के पास जंगल में आग लगने के कारण 60 फीट ऊंचा साल का वृक्ष 132 केवीए ईएचटी लाइन पर गिर गया, जिससे लाइन के साथ दो विशाल टावर गिर गए। इससे पखांजूर, दुर्गकोंदल और भानप्रतापुर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए 33 केवीए लाइन से तत्काल कुछ क्षेत्रों पहले विद्युत आपूर्ति शुरु की गई। इसके पश्चात् ट्रांसमिशन कंपनी के भिलाई कार्यशाला से 4-4 टन के दो विशाल ट्रांसमिशन टावर खड़ा करने सामग्री रवाना की गई।

यह कार्य कठिन इसलिए भी था क्योंकि जंगल के बीच में गिरे हुए टावर को हटाकर फिर से दो नए टावर खड़े करने थे। इस कार्य में जगदलपुर (संधारण संभाग) सहित भिलाई की टीम लगातार दिन-रात जुटी रही। ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक एसडी तेलंग ने भी मौके पर पहुंचकर दिशा निर्देश दिए। आखिरकार 56 घंटे के भीतर दो विशाल टावर खड़ा करके लाइन को आज दोपहर 3.42 बजे शुरू कर दिया गया। इस कार्य में ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (निर्माण एवं लाइन संधारण) कैलाश नारनवरे, भिलाई के अधीक्षण अभियंता पीपी सिंह, कार्यपालन अभियंता बीआर नाग जगदलपुर, एसके उइके भिलाई, सहायक अभियंता गरिमा नेताम, एसपी मंडावी तथा डीके साहू की विशेष भूमिका रही।