राजस्थान में UCC लागू करने की तैयारी तेज! समान नागरिक संहिता का मसौदा होगा तैयार, सरकार ने किया बड़ा ऐलान
राजस्थान में यूसीसी लागू करने को लेकर राजधानी में प्रेसवार्ता आयोजित की गई. प्रेसवार्ता में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म मौजुद रहे. प्रेसवार्ता में मौजुद मंत्रियों ने इस दौरान कहा कि राजस्थान में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की आवश्यकता है, जिससे सभी धर्मों और समुदायों के लोगों पर एक जैसा सिविल कानून लागू हो सके. उन्होंने बताया कि UCC लागू होने के बाद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में एक समान नियम होंगे. मंत्रियों ने कहा कि इस नए कानून से लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं को समान अधिकार मिलेंगे.
बहुविवाह पर रोक लगाने और विवाह और तलाक के अनिवार्य पंजीकरण जैसे प्रावधान भी इसमें शामिल होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों ने पहले ही अपने स्तर पर UCC लागू किया है, जबकि गोवा में यह व्यवस्था पहले से लागू है. सरकार का मानना है कि इससे समाज में एकरूपता आएगी और अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग कानूनों से होने वाली जटिलताओं को कम किया जा सकेगा
इस दौरान मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर यह समिति गठित की जा रही है, जो स्वतंत्र रूप से कार्य करेगी और विभिन्न वर्गों से संवाद भी कर सकती है. मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने यूसीसी के विषय में गंभीर पहल नहीं की, जबकि वर्तमान सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जनसुनवाई संबंधी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुन रही है, ऐसे में आलोचना निराधार है.
सरकार ने राजस्थान में UCC लागू करने के लिए एक राज्य स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है. इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. इसके अलावा पूर्व आईएएस शत्रुघ्न सिंह, बसंत छाबा, रामस्वरूप अग्रवाल, शुचि चौहान सहित अन्य विधि और प्रशासनिक विशेषज्ञ भी इसमें शामिल हैं. अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है. यह समिति राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 का प्रारूप तैयार करेगी, जिसे बाद में कैबिनेट और विधानसभा में पेश किया जाएगा. सरकार का कहना है कि सभी वर्गों से सुझाव लेकर यह कानून तैयार किया जाएगा और जनजातीय क्षेत्रों के रीति-रिवाजों का भी संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा.
