अब श्रीलंका पर अमेरिका का फोकस, दो सीनियर अफसर दौरे पर, क्या है प्लान?

कोलंबो में अमेरिका के दो वरिष्ठ अधिकारी अलग-अलग दौरों पर श्रीलंका पहुंचे हैं. इनमें पैसिफिक एयर फोर्सेज के कमांडर जनरल केविन श्नाइडर भी शामिल हैं. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि ये दौरे रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित हैं. रणनीतिक रूप से अहम हिंद महासागर क्षेत्र में वॉशिंगटन की बढ़ती सक्रियता के बीच इन दौरों को अहम माना जा रहा है. अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, श्नाइडर रविवार को तीन दिन की यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे और उनका दौरा 24 जून को खत्म होगा. दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए सहायक विदेश मंत्री एस पॉल कपूर भी रविवार को ही तीन दिन की यात्रा पर कोलंबो पहुंचे. ये हाई प्रोफाइल दौरे ऐसे समय में हो रहे हैं जब हिंद महासागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और हाल के वर्षों में चीन ने बुनियादी ढांचे में निवेश और समुद्री मौजूदगी का दायरा बढ़ाया है. अमेरिका अपनी व्यापक इंडो-पैसिफिक रणनीति के तहत श्रीलंका समेत क्षेत्र के देशों के साथ रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक जुड़ाव को और गहरा करने की कोशिश में है. अमेरिकी मिशन के अनुसार, श्नाइडर अपने दौरे के दौरान श्रीलंका सरकार और रक्षा प्रतिष्ठान के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलेंगे. इनमें रक्षा मंत्रालय और श्रीलंका वायुसेना के नेता भी शामिल हैं. दूतावास ने कहा कि बातचीत का फोकस हवाई और समुद्री क्षेत्र की निगरानी, साइबर सुरक्षा, आपदा प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर रहेगा.

श्नाइडर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिकी वायुसेना के सभी कर्मियों और संसाधनों की निगरानी करते हैं. दूतावास ने इस यात्रा को अमेरिका-श्रीलंका रक्षा साझेदारी की बढ़ती मजबूती का संकेत बताया. उसने इसे साझा अभ्यासों, सैन्य आदान-प्रदान और वरिष्ठ स्तर पर लगातार संवाद पर बने फैलते द्विपक्षीय रिश्ते में नया अहम पड़ाव भी कहा. दूतावास ने कहा, अमेरिका शांति, सुरक्षा और समृद्धि बनाए रखने की सामूहिक कोशिश में श्रीलंका को एक जरूरी साझेदार मानता है.

वहीं, कपूर अपने दौरे के दौरान श्रीलंका के वरिष्ठ नेताओं से सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे. वह निजी क्षेत्र के अधिकारियों और अमेरिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे ताकि द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों के विस्तार पर बात हो सके. दूतावास ने कहा, यह यात्रा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस प्रतिबद्धता को दिखाती है जिसके तहत अमेरिका समृद्धि और सुरक्षा को आगे बढ़ाने वाली साझेदारियों को मजबूत करना चाहता है, साथ ही हिंद महासागर में अहम साझेदार के रूप में श्रीलंका के साथ सहयोग को और गहरा करना चाहता है.