ओमान के पास भारतीय चालक दल वाले तेल टैंकर पर अमेरिका नेवी का हमला, सभी 24 नाविक सुरक्षित
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और रणनीतिक रूप से अहम शिपिंग मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के आसपास दोबारा बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना ने ओमान के पास एक तेल टैंकर पर हमला कर उसे निष्क्रिय कर दिया। इस टैंकर पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। वैसे यह जहाज पलाऊ में पंजीकृत था लेकिन इस पर काम करने वाले चालक दल के सभी सदस्य भारतीय मूल थे। हमले के बाद जब जहाज डूबने लगा तो इसके नाविकों ने त्राहिमाम संदेश भेजा और इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय, जहाजरानी मंत्रालय ने ओमान की सरकार के साथ संपर्क साध कर इन्हें बचाया। देर शाम अमेरिकी नेवी ने इस बात को स्वीकार किया कि उसने एमटी मैट्रिक्स नाम के एक टैंकर पर हमला कर उसे निष्क्रिय कर दिया है।
जहाज भारतीय स्वामित्व का नहीं था बल्कि यह ओएफएसी (अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय) द्वारा ब्लैक लिस्टेड और प्रतिबंधित था। इसका रजिस्ट्रेशन पलाऊ का है। पिछले दिनों में जहाज ने यूएस ब्लाकेड तोड़ने की चार बार कोशिशें की थीं। तीन मौकों पर अमेरिकी नेवी की बार-बार चेतावनी के बाद जहाज ने मुड़कर वापस जाने का फैसला किया। आठ जून (चौथी कोशिश) को जहाज ने ओमानी जल सीमा का इस्तेमाल करते हुए अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान उसने अपने सिग्नल डिवाइस बंद कर दिए ताकि पता न चले। इस संदिग्ध व्यवहार के चलते अमेरिकी नेवी ने कार्रवाई की और जहाज को निष्क्रिय कर दिया।
हमले के दौरान जहाज में आग भी लग गई। सूत्रों ने बताया कि जहाज की गतिविधियां संदेह से परे नहीं थीं और यह पता लगाया जा रहा है कि यह क्यों अमेरिकी नाकेबंदी से बचकर भागने की कोशिश कर रहा था। वैसे घटना के समय जहाज में कोई माल भी लदा हुआ नहीं था। ओमानी अधिकारियों ने तुरंत रेस्क्यू आपरेशन चलाया और सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया। भारतीय जहाजरानी मंत्रालय के अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और उनकी देखभाल की जा रही है।
पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने एक समाचार ब्रीफिंग में बताया कि मंत्रालय, भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय बनाए हुए है ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
