ट्रम्प बोले- अब अगला नंबर क्यूबा का, पहले भी कहा था- हासिल करके रहूंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अब अगला नंबर क्यूबा का है। यह बात उन्होंने शुक्रवार को मियामी में एक बिजनेस समिट के दौरान कही। ट्रम्प ने हालांकि साफ तौर पर यह नहीं बताया कि क्यूबा के खिलाफ उनका अगला कदम क्या होगा, लेकिन उन्होंने इशारा दिया कि जरूरत पड़ी तो सैन्य ताकत का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। ट्रम्प ने कहा- मैंने अमेरिकी सेना को बहुत मजबूत बनाया है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि इसका इस्तेमाल करना पड़ेगा, लेकिन कभी-कभी ऐसा करना पड़ता है। वैसे क्यूबा अगला है।

हालांकि इसके तुरंत बाद ही उन्होंने कहा- ऐसा समझो कि मैंने यह कहा ही नहीं है।

ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्यूबा गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है। वेनेजुएला से तेल सप्लाई बंद होने के बाद वहां ईंधन की भारी कमी हो गई है, जिससे हालात और खराब हो गए हैं। अमेरिका की मदद से हुई कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को हटाया गया, जिससे क्यूबा की बड़ी ऊर्जा सप्लाई कट गई। ट्रम्प पहले भी कह चुके हैं कि क्यूबा की सरकार गिरने के करीब है और उन्होंने ‘फ्रेंडली टेकओवर’ (दोस्ती के नाम पर कब्जा) की बात भी की है। इस महीने की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि यह ‘फ्रेंडली टेकओवर’ हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ‘सम्मान’ मिलेगा अगर वे किसी रूप में क्यूबा को अपने नियंत्रण में ले लें।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे क्यूबा को आजाद कर सकते हैं या अपने कब्जे में ले सकते हैं, और उनके पास कुछ भी करने की क्षमता है। हालांकि इतनी सख्त बातें कहने के बावजूद, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हैं और क्यूबा के नेताओं से बातचीत जारी है।

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल ने भी माना है कि अमेरिका से बातचीत हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि टकराव से बचने के लिए क्यूबा बातचीत करना चाहता है, जबकि अमेरिका का दबाव बढ़ता जा रहा है। कुल मिलाकर, ट्रंप का क्यूबा पर फोकस दिखाता है कि उनकी विदेश नीति अब ज्यादा आक्रामक और सीधे संदेश देने वाली हो गई है। असल में, अमेरिका पहले से ही क्यूबा पर दबाव बना रहा है। जनवरी से अमेरिका ने क्यूबा को हो रही तेल सप्लाई को लगभग रोक दिया है। दूसरे देशों को भी चेतावनी दी जा रही है कि वे क्यूबा को तेल न दें। हाल ही में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कोलंबिया से क्यूबा जा रहे एक तेल टैंकर को भी रोक लिया।

इसका असर क्यूबा में साफ दिख रहा है। 9 जनवरी के बाद से वहां कोई बड़ी तेल सप्लाई नहीं पहुंची है। वहां हालात तेजी से खराब हो रहे हैं। क्यूबा के ब्लैक मार्केट में पेट्रोल करीब 35 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गया है

रोजाना बिजली कट रही है, सोमवार को पूरे देश में ब्लैकआउट हुआ। अस्पतालों में सर्जरी टल रही हैं। दवाइयों की कमी हो रही है और खाने की समस्या बढ़ रही है। इन हालात में क्यूबा की सरकार पर दबाव बढ़ गया है।