’50 रुपये दो, नहीं तो नागरिकता चली जाएगी’… SIR फॉर्म के नाम पर उगाही का VIDEO वायरल, BLO पर लगे आरोप
झारखंड के गढ़वा जिले से एसआईआर फॉर्म भरने के नाम पर कथित उगाही का मामला सामने आया है. रंका प्रखंड के खपरो पंचायत के गोरयाबांध टोला में तैनात एक बीएलओ का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में आरोप है कि एसआईआर फॉर्म देने और भरने के नाम पर लोगों से 50 रुपये से लेकर 100 रुपये तक मांगे जा रहे हैं. ग्रामीणों का दावा है कि रुपये को सीधे फीस नहीं बल्कि खर्चा-पानी के नाम पर लिया जा रहा है.
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है. आरोप है कि लोगों से कहा जा रहा है कि फॉर्म भरवाने और आगे की प्रक्रिया के लिए पैसे देने होंगे. इसी को लेकर कई ग्रामीणों ने भी नाराजगी जताई है. जब मामले की पड़ताल की गई तो कई ग्रामीणों ने दावा किया कि बीएलओ की तरफ से सचमुच पैसे मांगे जा रहे हैं. कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने एसआईआर फॉर्म भर लिया है, लेकिन पैसे की मांग के कारण अब तक फॉर्म जमा नहीं कर पाए हैं.
मा०मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM महोदय, @dc_garhwa महोदय, यह वायरल वीडियो रंका प्रखण्ड के खपरो पंचायत का बताया जा रहा है ।
जिस में #SIR फॉर्म भरने के नाम पे पैसा मांगा जा रहा है @ECISVEEP मामले कि जांच करा कर दोषी पाए जाने पे कार्रवाई की कृपा करे ।https://t.co/oVZeb7P3Kc pic.twitter.com/7phuaIwFt3— chandan kumar thakur (@chandanbdc) July 9, 2026
ग्रामीणों का कहना है कि फॉर्म जमा कराने की प्रक्रिया को लेकर लोगों में पहले से ही भ्रम है और ऐसे में पैसे मांगने से परेशानी और बढ़ गई है. मौके पर बीएलओ के घर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग एसआईआर फॉर्म भरवाने और जमा कराने के लिए पहुंचे हुए थे. हालांकि उस समय बीएलओ अपने घर पर मौजूद नहीं थीं. बताया गया कि वह प्रखंड कार्यालय में थीं. मामले में कई ग्रामीणों ने कैमरे पर आकर बीएलओ पर पैसे मांगने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि फॉर्म देने और भरने के नाम पर 50 से 100 रुपये तक मांगे जा रहे हैं.
वहीं दूसरी ओर, आरोपों का सामना कर रहीं बीएलओ जमीला बीबी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जा रही है. जमीला बीबी ने कहा कि अब तक वह करीब 170 एसआईआर फॉर्म भर चुकी हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी लाभार्थी को फोन करके इसकी पुष्टि की जा सकती है. उनके मुताबिक, कुछ लोग साजिश के तहत उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं.
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ग्रामीणों के आरोपों के बाद यह मामला चर्चा में है. एक तरफ ग्रामीण बीएलओ पर पैसे मांगने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर बीएलओ इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खुद को निर्दोष बता रही हैं.
