JPL कोल खदान के विरोध में 14 गांवों का प्रदर्शन, 5 दिन से धरना-प्रदर्शन, ग्रामीण बोले- नहीं देंगे जमीन
छत्तीसगढ़ में कोल माइंस को लेकर लगातार विरोध जारी है। इसी बीच रायगढ़ के तमनार ब्लॉक के 14 गांव के ग्रामीणों ने जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) की प्रस्तावित कोल माइंस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि हम किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे। तमनार ब्लॉक में जेपीएल की प्रस्तावित गारे–पेलमा कोल ब्लॉक सेक्टर-1 खदान के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध चौथे दिन भी जारी है। 14 गांवों के लोग 5 नवंबर से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को प्रस्तावित जनसुनवाई से पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और मानव श्रृंखला बनाकर इसका घेराव कर दिया ।ग्रामीणों के समर्थन में लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार भी पहुंचीं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने स्कूल मैदान में जनसुनवाई करने की घोषणा की थी, लेकिन उसे गुपचुप तरीके से बाजार परिसर के अंदर एक कमरे में संपन्न करा दिया गया।
सुबह से भारी पुलिस बल तैनात था, जो जनसुनवाई की खबर फैलने के बाद वापस लौट गया, लेकिन ग्रामीण मैदान में अब भी डटे हुए हैं।
ग्रामीणों का आरोप –
खदान से विस्थापन, पर्यावरणीय नुकसान और आजीविका पर संकट बढ़ेगा।
तमनार क्षेत्र पहले से ही प्रदूषण की मार झेल रहा है।
भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।
जल–जंगल–जमीन तेजी से नष्ट हो रहे हैं।
पेसा क्षेत्र में ग्राम सभा की अनुमति के बिना जनसुनवाई अवैध है।
धौराभांठा स्कूल मैदान में धरने पर बैठे गांव – झरना, आमगांव, कोसमपाली, पतरापाली, जांजगीर, गोढ़ी, कसडोल, महलोई, सरसमाल सहित 14 गांवों के ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
