सूरजपुर के कुदरगढ़ देवी धाम में श्रद्धालुओं के बीच हिंसक झड़प, लाठी-डंडे और टांगी से हमला, एक की मौत, कई घायल

क्षेत्रीय

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विख्यात देवी मंदिर मां कुदरगढ़ी धाम में रविवार की शाम श्रद्धालुओं के दो गुटों के बीच हिसंक संघर्ष हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं कई लोग घायल हुए हैं। मंदिर में अफरा-तफरी मच गई। भगदड़ के बीच कई लोग अपनी जान बचाकर भागे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया और थाने ले गए। वहीं भी जमकर हंगामा हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता कुदरगढ़ी धाम में आए हुए थे। पहाड़ी पर स्थित धाम में पूजा-अर्चना के बाद नीचे अलग-अलग शेड में श्रद्धालुओं द्वारा भोजन बनाया जा रहा था। श्रद्धालुओं में कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र के बसोड़ समूह के एक सदस्य का मोबाइल चोरी हो गया। इसके बाद वहां अन्य टीन शेड में मौजूद लोग आपस में ही भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। बीच-बचाव करने गए दर्शनार्थियों पर उन्होंने डंडा लाठी, टांगी, पत्थर से हमला कर दिया। छोटे बच्चों के साथ महिलाओं से भी मारपीट शुरू कर दी।

बसोड़ समाज के 3 लोग गंभीर
भगदड़ के बीच जान बचाने कई लोग इधर-उधर भागे। इस हमले में करौंदामुड़ा निवासी प्रदीप कुशवाहा की मौत हो गई। सूचना पर कुदरगढ़ चौकी और ओड़गी थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस ने कुदरगढ़ चौकी में हंगामा व मारपीट कर रहे युवकों को लाकर बंद कर दिया। हमले में शेड के नीचे खाना बना रहे कई गांव के लोग घायल हुए है। सभी का प्राथमिक उपचार कराया गया। बसोड़ समाज के 3 लोगों को गंभीर चोट आई है, जिन्हें ओड़गी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

नशे में थे आरोपी, थाने में भी हंगामा
पुलिस ने जब मारपीट करने वाले सभी आरोपियों को थाने में बंद कर दिया तो थाने में भी आरोपियों ने जमकर हंगामा मचाया। सभी आरोपी नशे में धुत थे। कुदरगढ़ धाम ट्रस्ट के सदस्य राजेश तिवारी ने बताया कि मंदिर के नीचे शेड में खुलेआम शराब खोरी की शिकायतें पहले भी की जा चुकी है। इसे लेकर पुलिस कभी गंभीर नहीं रही। इसी का नतीजा है कि विवाद हुआ जो खूनी संघर्ष तक पहुंच गया। मंदिर ट्रस्ट ने व्यवस्था बनाने के साथ पुलिस की तैनाती मंदिर परिसर में करनी की मांग की है।