3% वोट वाली पार्टी से PM तक का सफर, मेलोनी बनाने जा रही नया रिकॉर्ड

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सितंबर में 1946 के बाद इटली में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाली प्रधानमंत्री बनने वाली हैं. उनसे पहले सबसे लंबे समय तक इटली की सत्ता संभालने का रिकॉर्ड बेनिटो मुसोलिनी के नाम है. वे लगभग 20 वर्ष 8 महीने तक प्रधानमंत्री रहे थे. इस कड़ी में सिल्वियो बर्लुस्कोनी का नाम भी शामिल हैं. वे अलग-अलग कार्यकाल में कुल 9 सालों तक इटली के प्रधानमंत्री रहे थे.

जॉर्जिया मेलोनी इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं. अपने कार्यकाल में उन्होंने कई अहम फैसले लिए. इन फैसलों में अवैध प्रवासन पर सख्ती, न्याय व्यवस्था और संविधान में सुधार के साथ यूरोपीय संघ में इटली के हितों को मजबूती से रखना शामिल है.

16 दिसंबर 2012 को ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी की स्थापना हुई. शुरुआत में इस पार्टी को सफलता नहीं मिली. 7 साल तक यह पार्टी 3% वोट पर अटकी रही. मेलोनी 31 साल की उम्र में इटली की सबसे युवा मंत्री बनीं. और 2022 में वे इटली की प्रधानमंत्री बनीं. इस साल सितंबर में उन्हें प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए चार साल हो जाएंगे.

जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद इटली में अवैध प्रवासन पर सख्ती लागू की. उन्होंने अवैध प्रवासियों को हिरासत में रखने की अवधि बढ़ाई. उनकी सरकार ने अवैध प्रवासन को रोकने के लिए बहुत सख्त कदम उठाए हैं.

जॉर्जिया मेलोनी सरकार ने इटली में सरोगेसी को सार्वभौमिक अपराध माना है. यानी अगर इटली का कोई नागरिक अमेरिका, कनाडा या ऐसे अन्य देशों में जाकर सरोगेसी कराता है जहां यह कानूनी है तो उस पर इटली में कार्रवाई की जा सकती है. ऐसे में, दोषी पाए जाने पर दो साल तक की जेल और 10 लाख यूरो तक का जुर्माना लग सकता है.

इटली ने मानवीय आधार पर सरोगेसी पर प्रतिबंध लगाया है. इटली सरकार का मानना है कि सरोगेसी की प्रथा महिलाओं के शरीर का वस्तुकरण और बच्चों के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देती है, यह महिलाओं के हितों को ठेस पहुंचाती है. ऐसे में इटली में इसे सार्वभौमिक अपराध माना गया है.

इटली की प्रधानमंत्री कई बार इटली की आर्थित स्थिति को लेकर आलोचकों द्वारा सवाल उठाए जाने पर करारा जवाब भी दे चुकी हैं. वहीं, जॉर्जिया मेलोनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने भी अपने रुख कायम रखती हैं.

यह G7 के दौरान देखने को मिला था. G7 बैठक के दौरान ट्रंप ने दावा किया था कि मेलोनी ने उनके साथ तस्वीर खींचाने के लिए मिन्नतें की थी. इस पर काफी सवाल भी उठे थे. लेकिन मेलोनी ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा था कि इटली और वह खुद कभी किसी के सामने नहीं झुकते.