ओमिक्रॉन से बचने के लिए पहनें ऐसा मास्क, सांसों से दूर रहेगा वायरस!

रोचक

दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन की पहचान होते ही इसे दुनिया भर में फैलने में अधिक समय नहीं लगा. यह वायरस उन लोगों को भी आसानी से संक्रमित कर रहा है, जिन्हें वैक्सीन लगी हुई है या जो पहले संक्रमित हो चुके हैं. इसके फैलने की गति काफी तेज है इसलिए एक्सपर्ट इसे काफी खतरनाक बता रहे हैं.

ओमिक्रॉन वैरिएंट के फैलने का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि कुछ समय पहले हांगकांग के एक होटल में एक व्यक्ति ने दूसरे को संक्रमित कर दिया था, जब कि वह व्यक्ति किसी दूसरे कमरे में था और वे दोनों संपर्क में भी नहीं आए थे. एक्सपर्ट के मुताबिक ओमिक्रॉन, डेल्टा वैरिएंट से 70 गुना तेजी से फैलता है. यह सांस के द्वारा गले तक जाता है और फिर हमला करता है.

इसलिए सभी को अपने मास्क की ओर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है. क्योंकि एक्सपर्ट का भी यही मानना है कि कोरोना के अन्य वैरिएंट की तरह मास्क ही ओमिक्रॉन से बचने का सबसे अच्छा उपाय है. ओमिक्रॉन से बचने के लिए कैसा मास्क पहनना चाहिए, इस बारे में जानें, ताकि अपनी और बाकी लोगों की सुरक्षा कर पाएं.

आमतौर पर दुनिया भर में 3 तरह के मास्क का सबसे अधिक प्रयोग हो रहा है. N-95 मास्क (N-95 masks), सर्जिकल मास्क (Surgical masks) और कपड़ों से बने मास्क (Cloth masks). एक्सपर्ट के मुताबिक, हर मास्क किसी न किसी तरह के कपड़े से ही बना होता है, लेकिन यहां हम बात कर रहे हैं कपड़े का मटेरियल क्या है मतलब मास्क किस मटेरियल के कपड़े से बना हुआ है? तो आइए मास्क के प्रकारों को डिटेल में भी समझ लीजिए.

कपड़े का मास्क (Cloth masks)

पिछले साल जब दुनिया भर में N95 मास्क की कमी थी तो एक्सपर्ट ने कपड़े का मास्क लगाने की सलाह दी थी. इसलिए देश भर के लोगों ने घरों में भी कपड़ों के मास्क बनाना कर उन्हें पहनना शुरू कर दिया था, ताकि वायरस सीधे नाक-मुंह के संपर्क में न सके और वायरस की चपेट में आने से बच जाएं. कपड़े के मास्क बनाने में आमतौर पर कॉटन के कपड़े का प्रयोग होता है. ये ओमिक्रॉन या अन्य वैरिएंट के खिलाफ ज्यादा सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं.

सर्जिकल मास्क (Surgical masks)

सर्जिकल मास्क का उपयोग कुछ समय पहले तक डॉक्टर्स ऑपरेशन या ट्रीटमेंट करते समय करते थे, लेकिन कोरोना महामारी में एक्सपर्ट ने सर्जिकल मास्क का उपयोग करने की भी सलाह दी थी. यह कपड़े के मास्क से कुछ हद तक बेहतर होते हैं, लेकिन ये भी अधिक सुरक्षा प्रदान नहीं करते.

फिल्टरिंग फेसपीस मास्क (Filtering facepiece masks)

फिल्टरिंग फेसपीस मास्क आमतौर पर सेल्युलोज या प्लास्टिक (Cellulose or plastic) जैसी सख्त सामग्री से बने होते हैं और इनमें हाई क्वालिटी वाली फिल्टरिंग लेयर होती हैं, जो कि विभिन्न वायरस को अंदर जाने से रोकती हैं. लेकिन ये भी कई प्रकार के होते हैं. जैसे

FFP1 : ये धूल जैसे मोटे कणों को रोकने में सक्षम होते हैं और इनका प्रयोग फैक्ट्रियों में किया जाता है. ये सर्जिकल मास्क से बेहतर हैं, लेकिन वायरस को रोकने में अधिक कारगर नहीं हैं.

FFP2 : ये मास्क N95 होते हैं जो कि लगभग 95 % प्रतिशत दूषित कणों को रोक सकते हैं या फिल्टर कर सकते हैं. कुछ देशों में उन्हें KN 95 या P2 के रूप में भी जाना जाता है. कुछ अध्ययनों से पता चला है कि N95 मास्क, सर्जिकल मास्क की तुलना में कम से कम 5 गुना अधिक सुरक्षा प्रदान करता है।

FFP3 : भारत में इस मास्क को N99 कहा जाता है, जो कि लगभग 99% दूषित कणों को फिल्टर करता है. कई देशों में इसे EN149 या P3 के रूप में भी जाना जाता है. ये काफी प्रभावी माने जाते हैं और ये एयरोसोल के साथ वायरस और बैक्टीरिया को भी रोकने में मदद करते हैं.

अक्टूबर 2021 में सीडीसी द्वारा मास्क संबंधित आखिरी गाइडलाइन अपडेट की गई थी. उसके मुताबिक, सभी को कम से कम 2 लेयर वाला मास्क पहनना चाहिए. और मास्क पहनते समय इस बात का खास ख्याल रहना चाहिए कि नाक, मुंह और चिन पूरी तरह से ढके हुए हों.

लीना वेन, एम.डी. (Leana Wen, M.D. CNN medical analyst) के मुताबिक, कपड़े के मास्क बनाने की तकनीक और फिटिंग सही नहीं रहती. वे सिर्फ एयरोसोल को रोक सकते हैं, लेकिन ये मास्क एयरोसोल से छोटे वायरस के कणों को नहीं रोक सकते हैं. यानी कि कपड़े के मास्क से 75 प्रतिशत तक वायरस अंदर जा सकता है.

CDC के अनुसार, N95 मास्क हवा कणों को छानने में 95% प्रभावी होते हैं, इनकी फिटिंग अच्छी होती है. वहीं CNN के अनुसार, सर्जिकल मास्क आमतौर पर N95 की तुलना में 5% से 10% कम प्रभावी होते हैं और कपड़े के मास्क तो 50 % तक ही प्रभावी होते हैं.

लेकिन वहीं नवंबर 2021 में ओमिक्रॉन वैरिएंट के फैलने पर कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसा मास्क पहनें जो मुंह और नाक के आसपास अच्छी तरह से फिट हो. एक साथ 2 मास्क पहनना यानी सर्जिकल मास्क के ऊपर एक कपड़े का मास्क पहनना भी फायदेमंद साबित हो सकता है. डबल-मास्क पहनना सिंगल कपड़े के मास्क की तुलना में 95 % अधिक प्रभावी है.

इसके अलावा एन95 मास्क पहन सकते हैं, ताकि वो इस वायरस को आसानी से रोक सके. लेकिन मास्क खरीदते समय नकली मास्क से सावधान रहें. नकली N95 और KN95 मास्क नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एंड हेल्थ (NIOSH) द्वारा प्रमाणित नहीं होते, इसलिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं करते.