थोक महंगाई दर ने बढ़ाई आम आदमी की चिंता, मई में बढ़कर 9.68% पर पहुंचा आंकड़ा

देश में आम जनता के ल‍िए महंगाई के मोर्चे पर मार और तेज हुई है. म‍िड‍िल ईस्‍ट में टेंशन बढ़ने के बाद से क्रूड ऑलय और लॉज‍िस्‍ट‍िक कॉस्‍ट में इजाफे का असर बाजार में देखा जा रहा था. इससे आम आदमी को महंगाई का सामना करना पड़ रहा था. कॉमर्स और इंडस्ट्री म‍िन‍िस्‍ट्री की तरफ से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार मई के महीने में देश की थोक महंगाई दर सालाना आधार पर बढ़कर 9.68 प्रतिशत पर पहुंच गई. यह अप्रैल के महीने में 8.26 प्रतिशत पर थी. आंकड़े 2022-23 को नया बेस ईयर मानकर संशोधित की गई थोक मूल्य सूचकांक (WPI) सीरीज पर बेस्‍ड हैं. थोक महंगाई रेट में तेजी आने से आने वाले द‍िनों को लेकर बाजार की की चिंता बढ़ गई है. थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर बेस्‍ड यह महंगाई अप्रैल 2026 में 8.3 प्रतिशत के लेवल पर थी. महंगाई दर में हुई बढ़ोतरी के पीछे खासतौर पर ईंधन, फूड आर्टिकल्स और कुछ खास मैन्‍युफैक्‍चर्ड प्रोडक्ट्स की कीमत में आया उछाल है. वेस्‍ट एश‍िया में जारी तनाव के बीव क्रूड ऑयल की ऊंची कीमत ने हर सेक्टर में प्रोडक्‍शन कॉस्‍ट बढ़ाने का काम किया है.

मई के महीने में फैक्‍ट्री-गेट महंगाई अपने हालिया महीनों के र‍िकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई है. आंकड़ों के अनुसार, ईंधन और बिजली सेगमेंट में थोक महंगाई अप्रैल के 24.71 प्रतिशत से छलांग लगाकर मई में सीधे 30.33 प्रतिशत के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई. थोक कीमत में यह उछाल वेस्‍ट एश‍िया क्राइस‍िस से जुड़ी बाधाओं के तीसरे महीने के दौरान देखा गया. हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच शांत‍ि समझौता डील होने के बाद एनर्जी मार्केट की स्‍थ‍ित‍ि में सुधार होने की उम्‍मीद है.