सीधी में पुलिस ने क्यों उतरवाए एक पत्रकार समेत रंगकर्मियों के कपड़े, जाने क्या है पूरा मामला

राष्ट्रीय

मध्यप्रदेश के सीधी के एक पुलिस स्टेशन में एक पत्रकार समेत कई रंगकर्मियों की निर्वस्त्र फोटो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है. विपक्षी दल कांग्रेस सहित कई लोग इसे जमकर शेयर कर रहे हैं. साथ ही पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि मामला सुर्खियों में आने के बाद 2 थाना प्रभारियों को सिर्फ लाइन हाजिर किया गया है. जबकि निलंबन की कार्रवाई नहीं हुई है. इसके साथ ही मामले की जांच के लिए एडिशनल एसपी को नियुक्त कर दिया गया.

सीधी घटना में कब क्या हुआ

– सीधी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत 2 अप्रैल को कोतवाली थाना प्रभारी मनोज सोनी ने रंगकर्मी नीरज कुंदेर को पुलिस हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था. ये कार्रवाई क्षेत्रीय बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला के बेटे गुरुदत्त शुक्ला की ओर से 6 जनवरी 2022 को दी गई शिकायत के आधार पर की गई.
– नीरज कुंदेर पर आरोप था कि अनुराग मिश्रा नाम के युवक की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर वह विधायक के बेटे पर अश्लील कमेंट कर रहा था.
– नीरज कुंदेर गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पत्रकार कनिष्क तिवारी और कई रंगकर्मी शाम को कोतवाली थाना सीधी पहुंचकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे.
– थाना प्रभारी ने प्रदर्शन कर रहे करीब 10 लोगों को धारा 151 के तहत पुलिस हिरासत में ले लिया.
– इसी दौरान स्थानीय पत्रकार और रंगकर्मियों के कपड़े उतरवाए गए, इसका फोटो सोशल मीडिया पर 6 अप्रैल को वायरल कर दिया गया.
– ये तस्वीर 7 अप्रैल को लाइम लाइट में आ गई.

ये है इस मामले में जांच की स्थिति

कांग्रेस के नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए. साथ ही स्थानीय विधायक केदारनाथ शुक्ला के इशारे पर कार्रवाई होने की बात की. मामला तूल पकड़ता देख एसपी मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने वायरल फोटो की जांच के लिए गायत्री त्रिपाठी डीएसपी को इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर नियुक्त किया. एडीजी वेंकटेश्वर राव के निर्देश पर एडिशनल एसपी सीधी अंजू लता को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. फिलहाल कोतवाली थाना प्रभारी मनोज सोनी और अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार को थाने से हटाते हुए लाइन हाजिर कर दिया है. सीधी के कोतवाली थाना में अशोक कुमार गौतम को नया थाना प्रभारी पदस्थ कर दिया गया है.