महिला आरक्षण- 3 संशोधन बिल लोकसभा में पेश, अखिलेश बोले- मुस्लिम महिलाओं को भी आरक्षण मिले
महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल आज संसद में पेश किए गए। इसके साथ ही विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। सबसे पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इन बिलों का विरोध किया। कहा कि सरकार संविधान को हाईजैक करना चाहती है। इसके बाद सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने विरोध किया। कहा कि जब तक मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जाएगा। तब इसका मतलब नहीं है। इस पर अमित शाह ने कहा- मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है, इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। अखिलेश यादव ने कहा- पूरा देश आधी आबादी को आरक्षण चाहता है। मैं जानना चाहता हूं कि मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या। इस पर अमित शाह ने जवाब दिया कि समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है।
संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। मौजूदा संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
बिलों को पुर्नस्थापित करने के लिए ध्वनि मत से पास कराने की कोशिश की गई। इसके बाद विपक्ष ने मत विभाजन मांगा। इसके बाद स्पीकर ने इसके लिए वोटिंग की अनुमति दी। पक्ष में 207, विपक्ष में 126 वोट पड़े। AIMIM सांसद ओवैसी ने कहा- मैं संविधान संशोधन बिल का विरोध करता हूं। ये बिल सिर्फ महिला आरक्षण के लिए नहीं है। ये संघवाद के विरोधी हैं।
