दुनिया की सबसे बड़ी गुफा, वियतनाम में पहाड़ के अंदर छिपा है 655 फीट ऊंचा रास्ता

मध्य वियतनाम में चूना पत्थर के पहाड़ के अंदर एक नदी बड़ी गुफा से होकर बहती है। यह ऐसी जगह है, जहां जंगल के हिस्सों के ऊपर धुंध छाई रहती है। इसे दुनिया ‘ हैंग सोन डूंग ‘ के नाम से जानती है, जो दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल गुफा मार्ग (सिंगल केव पैसेज) है। इसका विशाल अंदरूनी हिस्सा तंग और अंधेरी सुरंग वाली आम धारणा को चुनौती देता है। यह बहुत बड़ी है और इसकी कई ऐसी खासियतें हैं, जो दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करती है।

हैंग सोन डूंग की सबसे खास बात यह नहीं है कि इसके अंदर कितनी इमारतें समा सकती हैं। इसकी एक खासियत छत के गिरे हुए हिस्सों से आने वाली सूरज की रोशनी से पनपने वाली वनस्पति है। इसे ऊपर की दुनिया से जुड़ाव की जरूरत होती है। यह जमीन के नीचे का एक नजारा है, ना कि सतह से पूरी तरह कटा हुआ कोई इकोसिस्टम।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने सोन डूंग को दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल गुफा मार्ग माना है। इसके साइज की बात की जाए तो यह तकरीबन 655 फीट ऊंचा और 490 फीट चौड़ा (200 गुणा 150 मीटर) है। इसकी लंबाई कम से कम चार मील (6.5 किलोमीटर) है। इसमें चलने पर ऐसा लगता है जैसे किसी इलाके से गुजर रहे हों।

इस रिकॉर्ड को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि सोन डूंग का यह खिताब गुफा के एक रास्ते (मार्ग) के आकार से जुड़ा है, ना कि आपस में जुड़ी सुरंगों के सबसे लंबे नेटवर्क से। लंबे नेटवर्क का रिकॉर्ड केंटकी की ‘मैमथ केव’ के नाम है। वियतनाम का नेशनल पार्क सोन डूंग के आकार की तुलना 40 मंजिला गगनचुंबी इमारत जितनी जगह से करता है।
सोन डूंग में छत के दो बड़े हिस्सों के गिरने से डोलिन (बड़े गड्ढे) बन गए। इससे सूरज की रोशनी उन जगहों तक पहुंची, जो अंधेरे में थीं। गड्ढे में ‘गार्डन ऑफ ईडन’ नाम का जंगल पनपता है। ऑक्सैलिस एडवेंचर के अनुसार, यहां पेड़ 130 से 165 फीट तक ऊंचे होते हैं और कम रोशनी वाली जगहों पर काई और फर्न उगते हैं।
जमीन के नीचे बहने वाली नदी हवा में नमी बढ़ाती है जबकि बड़े-बड़े खुले हिस्से अलग-अलग तापमान वाली हवाओं को मिलाते हैं। ऑक्सैलिस का कहना है कि नमी वाले माहौल में गर्म और ठंडी हवाओं के मिलने से धुंध और बादल बन सकते हैं। इससे पर्यटकों को ऐसा नजारा देखने को मिलता है, जिसकी उम्मीद जमीन के ऊपर की जाती है।
स्थानीय निवासी हो खान को 1990 में जंगल की यात्रा के दौरान तूफान से बचने की जगह तलाशते हुए इस गुफा का प्रवेश द्वार मिला था। हालांकि बाद में उस जगह का रास्ता भूल गए। आखिरकार 2009 में उन्होंने ब्रिटिश टीम को गुफा के प्रवेश द्वार तक पहुंचाया। इससे इसकी खोज और माप का काम शुरू हो सका।

पार्क के आधिकारिक नियमों के तहत सोन डूंग में हर साल 1,000 पर्यटकों को ही जाने की इजाजत है। एक ग्रुप में 10 से ज्यादा पर्यटक इसमें नहीं जा सकते हैं। यह नियंत्रित अभियान मॉडल है, ना कि आम पर्यटकों के लिए खुली जगह है। पेड़-पौधों, जल-धाराओं और वन्यजीवों वाले प्राकृतिक आवास के लिए यह फर्क मायने रखता है।