हिंद महासागर में लैंड करते ही फटा दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट

दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे शक्तिशाली रॉकेट बनाने वाली कंपनी स्पेसएक्स ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने स्टारशिप V3 का सफलतापूर्वक परीक्षण उड़ान भरी. यह रॉकेट इतिहास का सबसे बड़ा और शक्तिशाली रॉकेट है. शुक्रवार को हुए इस परीक्षण उड़ान में रॉकेट ने लगभग एक घंटे की उड़ान भरी. उड़ान का अंत हिंद महासागर में स्प्लैशडाउन के साथ हुआ, जहां रॉकेट फट गया. स्पेसएक्स ने इसके फटने का प्रोसेस पहले से ही प्लान कर रखा था. कंपनी का कहना है कि परीक्षण के अंत में रॉकेट को महासागर में गिराकर नष्ट करना ही हिस्सा था.

यह परीक्षण उड़ान मूल रूप से एक दिन पहले होनी थी, लेकिन लॉन्च टावर में हाइड्रॉलिक पिन खराब होने के कारण इसे टाल दिया गया था. एक दिन की देरी के बाद शुक्रवार को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया. स्पेसएक्स के अनुसार, इस परीक्षण उड़ान में ज्यादातर बड़े उद्देश्य पूरे हो गए. रॉकेट ने अपनी निर्धारित उड़ान पथ पर अच्छा प्रदर्शन किया. हालांकि, रॉकेट के दोनों चरणों (स्टेज) में इंजन फेलियर की समस्या आई. इसके बावजूद कंपनी इसे सफल परीक्षण मान रही है क्योंकि मुख्य मिशन के अधिकांश लक्ष्य हासिल कर लिए गए.

स्टारशिप V3 का यह परीक्षण स्पेसएक्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. कंपनी इस रॉकेट को भविष्य में मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजने, उपग्रहों को लॉन्च करने और नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल करना चाहती है. यह रॉकेट पूरी तरह से रीयूजेबल है, जो स्पेस ट्रैवल को सस्ता और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. स्टारशिप दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट है. इसमें इतनी ताकत है कि यह भारी-भरकम पेलोड को अंतरिक्ष में ले जा सकता है. स्पेसएक्स इसे पूरी तरह से रिसाइकल करने योग्य बनाने पर काम कर रही है, ताकि हर उड़ान के बाद इसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सके. इससे रॉकेट लॉन्च की लागत बहुत कम हो जाएगी.

एलन मस्क का सपना है कि स्टारशिप के जरिए इंसान मंगल ग्रह पर बस्ती बसाएं. इस परीक्षण के सफल होने से इस दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा है. हालांकि, रॉकेट के दोनों स्टेज में इंजन फेलियर जैसी छोटी समस्याएं आई हैं, जिन्हें कंपनी भविष्य की उड़ानों में सुधारने की कोशिश करेगी.

स्टारशिप V3 का यह परीक्षण स्पेसएक्स की लगातार बढ़ती क्षमता को दिखाता है. प्लान्ड विस्फोट के बावजूद उड़ान को सफल माना जा रहा है. स्पेस उद्योग में स्पेसएक्स का दबदबा लगातार बढ़ रहा है. यह परीक्षण भविष्य के बड़े मिशनों की नींव रखता है.