दुनिया का सबसे बदनसीब इंसान! मजे-मजे के लिए गुफा में घुसा, वही बन गई कब्र!
मौत का आना तय है लेकिन कब और किस तरह आने वाली है, इसका अंदाजा लोगों को नहीं होता. हालांकि, कुछ लोगों की मौत का तरीका इतना अजीबोगरीब होता है कि उसपर सिर्फ हैरानी ही होती है. ऐसी ही मौत हुई थी जॉन एडवर्ड जोंस की. रोमांच के चक्कर में उसे मौत का सामना करना पड़ा. मौत कभी भी आ सकती है, लेकिन कुछ मौतें इतनी भयानक होती हैं कि सुनकर रूह कांप जाती है. 26 नवंबर 2009 की शाम, 26 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट जॉन एडवर्ड जोन्स अपनी पत्नी एमिली (जो उस समय दूसरी संतान की उम्मीद में थीं), बेटी और भाई जोश के साथ थैंक्सगिविंग के लिए यूटा आए थे. लेकिन उन्हें ये पता नहीं था कि ये उनका आखिरी फैमिली ट्रिप होगा.
बचपन से ही जॉन को गुफा एक्सप्लोरेशन का शौक था. भाई जोश ने सुझाव दिया कि नट्टी पुट्टी गुफा चला जाए, जो साल्ट लेक सिटी से करीब 55 मील दूर थी. यह गुफा 1960 में खोजी गई थी और इसके नरम, पुट्टी जैसे भूरे मिट्टी के कारण नाम पड़ा था. यह शुरुआती स्तर की गुफा मानी जाती थी, जहां हजारों लोग सालाना आते थे. वैसे तो जॉन को एक्सपीरियंस था, लेकिन उस दिन कुछ और ही होना लिखा था.
रात 8 बजे करीब 11 लोग गुफा में घुसे. जॉन ने ‘बर्थ कैनाल’ नामक संकरी जगह एक्सप्लोर करने का फैसला किया, जो एक चुनौतीपूर्ण लेकिन सुरक्षित पैसेज था. लेकिन गलती से उन्होंने ‘एड्स पुश’ नामक अनमैप्ड पैसेज चुन लिया. वहां पहुंचकर एक डेड एंड मिला, जहां सिर्फ एक संकरी वर्टिकल दरार थी जो सिर्फ 10 इंच x 18 इंच बड़ी थी. जॉन ने सोचा कि यह टर्नअराउंड पॉइंट है और सिर पहले घुसा लिया. लेकिन जैसे ही वे आगे बढ़े, उनका 6 फीट 1 इंच लंबा, 200 पाउंड का शरीर उल्टा लटककर फंस गया. हाथ छाती के नीचे दब गए और पैर ऊपर की तरफ हो गया. वे 400 फीट अंदर थे और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था. भाई जोश ने पहले कोशिश की, लेकिन जॉन को नहीं निकाल पाए. जोश बाहर निकले और रेस्क्यू टीम को अलर्ट किया. जल्दी ही यूटा काउंटी शेरिफ ऑफिस, वॉलंटियर रेस्क्यू टीम्स और पैरामेडिक्स मौके पर पहुंचे. 137 रेस्क्यू वर्कर्स ने 27 घंटे तक प्रयास किया लेकिन कुछ भी कामयाब नहीं हुआ.
