पृथ्वी पर ऐसा सूर्यास्त कभी नहीं देखा होगा…

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर मौजूद NASA के एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद ही मंत्रमुग्ध कर देने वाला 360 डिग्री वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने ISS के सबसे मशहूर हिस्से यानी ‘क्युपोला’ की एक झलक दिखाई है. अंतरिक्ष से धरती का नजारा कैसा दिखता है और वहां एस्ट्रोनॉट्स अपनी दिनचर्या कैसे बिताते हैं, यह वीडियो इसका बेहतरीन सबूत है.

क्युपोला को साधारण शब्दों में अंतरिक्ष स्टेशन की “धरती देखने वाली खिड़की” कहा जा सकता है. यह गुंबद के आकार का एक विशेष ऑब्जर्वेशन मॉड्यूल है जिसमें 7 बड़ी कांच की खिड़कियां लगी हैं. यह मॉड्यूल अंतरिक्ष यात्रियों को धरती और खुले स्पेस का करीब 360 डिग्री का नजारा देता है. 2010 में इसे ISS से जोड़ा गया था और तब से यह अंतरिक्ष स्टेशन का सबसे पसंदीदा और मशहूर कोना बना हुआ है.

अनिल मेनन ने अपने वीडियो में दर्शकों को क्युपोला के अंदर का दृश्य दिखाया है. उन्होंने बताया कि वे अपने साथी एस्ट्रोनॉट क्रिस्टोफर विलियम्स के साथ वहां समय बिता रहे थे. इस दौरान दोनों ने कैमरों, तारों, फिजिक्स और स्पेसवाक जैसे विषयों पर लंबी चर्चा की. वीडियो का सबसे खास हिस्सा वो था जब क्युपोला की खिड़की से अंतरिक्ष से धरती के अद्भुत सूर्यास्त (Sunset) का नजारा दिखाई दिया.

क्युपोला केवल सुंदर दृश्य देखने के लिए ही इस्तेमाल नहीं होता. इसका व्यावहारिक उपयोग भी बहुत बड़ा है. जब भी कोई नया स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष स्टेशन पर आता है, तो उसकी डॉकिंग पर नजर रखने के लिए इसी खिड़की का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा स्टेशन के रोबोटिक आर्म को चलाने और धरती पर आने वाले तूफानों, जंगलों की आग व प्राकृतिक घटनाओं की तस्वीर लेने के लिए भी क्युपोला सबसे अहम माना जाता है.

अनिल मेनन ने एक और दिलचस्प खुलासा किया. उन्होंने बताया कि 8 महीने तक ISS पर रहने वाले अनुभवी एस्ट्रोनॉट क्रिस्टोफर विलियम्स उन्हें बहुत सी व्यावहारिक बातें सिखा रहे हैं. इनमें डक्ट टेप और जिपलॉक बैग्स की मदद से प्रयोगों को व्यवस्थित रखना, सामान को जल्दी ढूंढना और अंतरिक्ष में परफेक्ट फोटो खींचना शामिल है. यह ऐसी बुनियादी जानकारी है जो आमतौर पर आम जनता को देखने को नहीं मिलती.

लंबे समय के अंतरिक्ष मिशन केवल वैज्ञानिक प्रयोगों तक सीमित नहीं होते. अंतरिक्ष के चुनौतीपूर्ण वातावरण में सुरक्षित रहने के लिए ज्ञान का हस्तांतरण बहुत जरूरी है. अनिल मेनन का यह वीडियो दिखाता है कि कैसे एक अनुभवी एस्ट्रोनॉट अपने नए साथी को अंतरिक्ष में कुशलता से काम करने के लिए तैयार करता है. यही मेंटरशिप अंतरिक्ष विज्ञान को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी ताकत है.