लखनऊ में AK-47 जैसी राइफल लेकर घूमते युवक, CCTV फुटेज वायरल..पुलिस बोली- अफवाह न फैलाएं

उत्तरप्रदेश : लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में आधी रात AK-47 जैसी राइफल लेकर गलियों में घूमते तीन युवकों का वीडियो वायरल होने से शहर भर में सनसनी फैल गई। थाना ठाकुरगंज क्षेत्र में न्यू हैदरगंज रीफा कॉलोनी में कैमरों में कैद ये युवक घर-घर टॉर्च लगाकर रेकी करते दिखे। स्थानीय लोगों ने फुटेज सोशल मीडिया पर डालते ही अफवाहों का बाजार गर्म हो गया और दहशत का माहौल बन गया। सवाल उठने लगे कि ये युवक अपराधी थे या किसी सुरक्षा एजेंसी की टीम थे। इन्हीं सवालों के बीच ठाकुरगंज पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह दरअसल कन्नौज पुलिस की टीम थी, जिसने बिना स्थानीय थाना पुलिस को सूचना दिए इलाके में सर्च ऑपरेशन किया। इस लापरवाही से कॉलोनीवासी पूरी रात सहमे रहे।

मिली जानकारी के अनुसार, ये पूरी घटना बीते 23 सितंबर की रात की है, जब न्यू हैदरगंज रीफा कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरों में तीन युवक कैद हुए, जिनके हाथों में AK-47 जैसी राइफल नजर आ रही थी। फुटेज में साफ दिखा कि वे टॉर्च की रोशनी डालकर गलियों और घरों के बाहर झांक रहे थे। कॉलोनीवासी डर के मारे रातभर नींद नहीं ले पाए और सुबह होते ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो देखते ही लोगों में अफवाहें फैलने लगीं कि कहीं इलाके में कोई गैंग सक्रिय तो नहीं।

पूरे मामले का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया। लोग तरह-तरह की अटकलें लगाने लगे। किसी ने इसे अपराधियों की रेकी बताया तो किसी ने आतंकियों के सक्रिय होने की आशंका जताई। स्थानीय लोग पुलिस को लगातार फोन कर जानकारी लेने लगे। इस बीच अफवाहों से पूरा इलाका दहशत में रहा। वीडियो वायरल होने के बाद कॉलोनी में पुलिस की मौजूदगी और गश्त बढ़ा दी गई। वहीं, इस मामले पर ठाकुरगंज थाना प्रभारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि यह युवक दरअसल कन्नौज पुलिस की टीम के सदस्य थे। वे किसी केस की तहकीकात के लिए आए थे लेकिन उन्होंने स्थानीय थाने को इसकी सूचना नहीं दी। इसी कारण लोगों में डर और भ्रम फैल गया। थाना प्रभारी ने साफ कहा कि नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे पुलिस को दें और अफवाहों पर भरोसा न करें।