PM मोदी ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, कमल जैसे डिजाइन में बने टर्मिनल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन किया। पहले फेज में एक टर्मिनल और रनवे बनाया गया है।। इसकी क्षमता सालाना 2 करोड़ यात्रियों की है। पहले फेज में करीब 19,647 रुपए करोड़ खर्च हुए हैं। नवी मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल को कमल के डिजाइन में डेवलप किया गया है। दिसंबर से यहां से रेगुलर उड़ानें शुरू हो जाएंगी। ये मुंबई का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। इसका नाम किसान नेता डीबी पाटील के नाम पर रखा गया है। PM मोदी आज बुधवार दोपहर 3 बजे 2 दिन के मुंबई दौरे पर पहुंचे। उनका विमान नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही लैंड हुआ। वहीं, थोड़ी देर में PM मोदी मुंबई मेट्रो लाइन-3 के फेज 2B और मुंबई की पहली पूरी तरह से अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन का उद्घाटन भी करेंगे। इस एयरपोर्ट को अडाणी ग्रुप और महाराष्ट्र सरकार के लैंड डेवलपमेंट प्राधिकरण (CIDCO) मिलकर बना रही है। इसमें अडाणी ग्रुप की 74% हिस्सेदारी है और CIDCO के पास 26% हिस्सेदारी है। ये जवाहरलाल नेहरू पोर्ट और मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक के पास है, जिससे मुंबई में बढ़ती हवाई यात्रा की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी।
#Watch | प्रधानमंत्री @narendramodi ने लगभग 19,650 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया।@PMOIndia | @MIB_India | @PIBHindi | #PMModiInMaharashtra #NaviMumbaiAirport pic.twitter.com/vmiS9GdAWq
— डीडी न्यूज़ (@DDNewsHindi) October 8, 2025
इसका नाम किसान नेता डीबी पाटील के नाम पर रखा गया है। पाटील एक प्रमुख किसान नेता थे जिन्होंने महाराष्ट्र में किसानों और स्थानीय लोगों के हकों के लिए संघर्ष किया। पाटिल ने ही ही नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान विस्थापित गांववालों के हक की लड़ाई लड़ी थी।
#WATCH | नवी मुंबई, महाराष्ट्र | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 19,650 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया।
(सोर्स: DD न्यूज़) pic.twitter.com/Sivk5GB3Sg
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 8, 2025
नवी मुंबई एयरपोर्ट खोलने में अभी 2 महीने से ज्यादा लगेंगे। दिसंबर लास्ट तक ही ये शुरू हो पाएगा। इसके पीछे की वजह- उद्घाटन के बाद इसे ORAT टेस्ट से गुजरना होगा। इसमें चेक-इन, बैगेज, सिक्योरिटी और एयर ट्रैफिक सिस्टम की असली हालात में जांच होती है। इसका मोटिव यह है कि पहले दिन से ही उड़ानें सुरक्षित और बिना परेशानी के संचालित हो।
