बिहार में हार पर कांग्रेस में मंथन… खड़गे के घर बड़ी बैठक, राहुल गांधी भी मौजूद
बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना पूरी हो चुकी है और तस्वीर साफ़ है कि बीजेपी नेतृत्व वाला एनडीए बहुमत नहीं, बल्कि प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौट आया है. 243 में से 202 सीटें जीतकर गठबंधन ने विपक्ष को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया.राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार एक बार फिर सत्ता में वापसी करने जा रहे हैं. इस चुनाव में विपक्ष महागठबंधन अपने मजबूत गढ़ों में भी हार गया, यहां तक कि RJD का पारंपरिक सीटों पर भी प्रभाव फीका पड़ गया. बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
नीतीश कुमार की जेडीयू ने 85 सीटें, चिराग पासवान की LJP(RV) ने 19, HAM(S) ने 5 और RLM ने 4 सीटें जीतीं.वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के खाते में सिर्फ 34 सीटें आईं, जिसमें RJD को 25, कांग्रेस 6, CPI(ML) 2 और CPI(M) को सिर्फ 1 सीट मिली.AIMIM ने सीमांचल में फिर असर दिखाते हुए 5 सीटें जीतीं, जबकि BSP और IIP को एक-एक सीट मिली. बीजेपी के आईटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने बिहार चुनाव परिणामों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह जीत युवा भारत की स्पष्ट और मजबूत आवाज़ है. उन्होंने बताया कि बिहार की लगभग 40 फीसदी आबादी 18 साल से कम उम्र की है, जबकि करीब 23 फीसदी लोग 18 से 29 वर्ष के बीच हैं.
मालवीय के अनुसार, यह वही युवा वर्ग है जिसने आत्मविश्वास के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है. उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आज के युवा “दिखावे” से प्रभावित नहीं होते – चाहे वह पुल पर नाचना हो, बाइकों पर पोज़ देना हो, कैमरे में आंख मारना हो, बारिश में पुश-अप करना हो या किसी तालाब में कूदकर फोटो-ऑप कराना हो.
मालवीय ने कहा कि इस चुनाव में युवाओं ने दिखावा नहीं, बल्कि काम और प्रदर्शन को चुना है. उन्होंने कहा कि बिहार ने “साफ़, जोरदार और बिना किसी भ्रम” के अपना फैसला दे दिया है.
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने पहली महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हो रही है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता अजय माकन मौजूद हैं. इस बैठक में चुनाव परिणामों की समीक्षा, संगठनात्मक कमजोरियों पर चर्चा और आगे की रणनीति तय करने पर विचार किया जा रहा है. कांग्रेस नेतृत्व चुनावी प्रदर्शन को लेकर गंभीर है और बिहार में मिली हार के कारणों को समझने की कोशिश कर रहा है.
तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी को 25 सीटें मिली हैं, जो कि बड़ा झटका है.
