मनरेगा की जगह लेगी ‘जी राम जी’ योजना, 100 की जगह 125 दिन की मिलेगी रोजगार गारंटी

मनरेगा की जगह रोजगार गारंटी के लिए सरकार ने अब नई योजना लाने का फैसला लिया है। उसका नाम है ‘जी राम जी’यानी गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण इससे जुड़े बिल को सरकार ने लोकसभा में पेश कर दिया हैइसमें चार सेक्टर के लिए रोजगार की गारंटी मिलेगी। इनमें जल सुरक्षा, रूरल इंफ्रा, आजीविका और पर्यावरण शामिल होंगे। इस योजना के तहत अब विकसित ग्राम पंचायत योजना बनेगी। श्रमिकों को बुआई के सीजन में 60 दिन के लिए ब्रेक मिलेगा। अगर रोजगार नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। बेरोजगारी भत्ता देने की जिम्मेदारी राज्यों पर होगी। नई योजना में 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार का योगदान होगा। पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर राज्यों में 90:10 फंडिंग होगी यानी योजना में केंद्र का 90 फीसदी और राज्यों का 10 फीसदी योगदान होगा।

इसमें कहा गया है कि विधेयक का उद्देश्यविकसित भारत 2047′ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूपग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करना है, जिसके तहत अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आने वाले प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को हर वित्त वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। इसका लक्ष्य सशक्तीकरण एवं विकास को बढ़ावा देकर समृद्ध और सक्षम ग्रामीण भारत का निर्माण करना है”।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त कर ग्रामीण रोजगार के लिए नया कानून लाने संबंधी एक बिल लोकसभा में पेश कर दिया गया है। बिल की प्रति के अनुसार इसका मकसद ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ विधेयक, 2025′ संसद में लाने और 2005 के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को निरस्त करने का प्रस्ताव है।

प्रस्तावित बिल के तहत अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक साल में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या कार्य पूरा होने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। अगर आवेदन के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया गया तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी किया गया है।

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