रायपुर के मैग्नेटो मॉल में धर्म पूछकर तोड़फोड़, मार्केटिंग हेड बोलीं- ID कार्ड देखकर कास्ट पूछा
छत्तीसगढ़ बंद के दौरान राजधानी रायपुर के प्रमुख शॉपिंग सेंटर मैग्नेटो मॉल में बुधवार को जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की गई। मॉल प्रबंधन का आरोप है कि बजरंग दल से जुड़े 30 से 40 कार्यकर्ता लाठी-डंडे और हॉकी स्टिक लेकर जबरन मॉल के भीतर घुसे और वहां मौजूद कर्मचारियों व लोगों से उनका धर्म और जाति पूछते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस घटना से मॉल में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। यह घटना बुधवार को उस समय हुई, जब छत्तीसगढ़ बंद के चलते मैग्नेटो मॉल पूरी तरह बंद था। मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता के मुताबिक, मॉल प्रबंधन ने बंद का समर्थन किया था और सभी शटर बंद थे। इसके बावजूद 50 से 100 लोगों की भीड़ जबरन अंदर घुस आई। इनमें से 30-40 लोग सक्रिय रूप से तोड़फोड़ में शामिल थे।
वे कर्मचारियों और मौजूद लोगों से “आप हिंदू हो या क्रिश्चियन?” और “आपकी जाति क्या है?” जैसे सवाल पूछ रहे थे। आरोप है कि कई लोगों से ID कार्ड और बैज देखकर उनकी पहचान की गई। स्थिति इतनी भयावह थी कि कुछ कर्मचारी डर के मारे रोने लगे और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हुआ।
मॉल प्रबंधन के अनुसार, तोड़फोड़ से करीब 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, प्रबंधन का कहना है कि आर्थिक नुकसान से ज्यादा गंभीर बात कर्मचारियों और ग्राहकों में पैदा हुआ डर है। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही कई दुकानों और सजावटी सामान को नुकसान पहुंचाया जा चुका था। मॉल में लगाए गए क्रिसमस ट्री और सजावट को भी तोड़ दिया गया।
पूरी घटना मॉल में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि डंडे लिए युवक समूह में मॉल के भीतर घुसते हैं और हंगामा करते हैं। पुलिस ने इस मामले में 30 से 40 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 190, 191(2), 324(2) और 331(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसी बंद के दौरान रायपुर में ब्लिंकिट के कार्यालय में घुसकर एक कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है, जो CCTV में कैद हुई। मैग्नेटो मॉल की घटना के बाद एहतियातन विधानसभा रोड स्थित अंबुजा मॉल को खाली करा लिया गया। पुलिस की मौजूदगी में लोगों को बाहर निकाला गया और शाम के समय आने वाले ग्राहकों को लौटा दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है।
