CG NEWS : रायपुर में 19 जनवरी से शुरू होंगे प्री-बोर्ड एग्जाम, 24 तक चलेंगे
छत्तीसगढ़ : रायपुर में बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए प्री-बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बनी अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है। जिला शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि जिले के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं 19 जनवरी से शुरू होकर 24 जनवरी तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी स्कूलों का समेकित परिणाम 30 जनवरी तक लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को भेजा जाएगा। पिछले कुछ दिनों से स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और विद्यार्थी असमंजस में थे। वजह यह थी कि माध्यमिक शिक्षा मंडल और लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी अलग-अलग निर्देशों के कारण एक ही दिन प्रायोगिक और प्री-बोर्ड परीक्षा कराने की स्थिति बन रही थी। इससे स्कूलों में परीक्षा प्रबंधन को लेकर व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही थीं।
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने बताया कि अब स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उनके अनुसार, पहले प्रायोगिक परीक्षाएं पूरी कराई जाएंगी और उसके बाद ही प्री-बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों को 24 जनवरी तक प्री-बोर्ड परीक्षा समाप्त करनी होगी, ताकि समय पर मूल्यांकन कर रिपोर्ट तैयार की जा सके। शिक्षा विभाग ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर शिक्षकों को व्यावहारिक सहूलियत दी है। शिक्षकों को यह सलाह दी गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार उत्तरपुस्तिकाओं की जांच करें, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि तय समयसीमा में परिणाम तैयार हो जाए। विभाग का फोकस इस बात पर है कि प्री-बोर्ड का उद्देश्य छात्रों की तैयारी को आंकना है, न कि उन पर अतिरिक्त दबाव डालना। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 1 से 20 जनवरी के बीच बोर्ड कक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित कर अंक भेजने के निर्देश दिए थे। वहीं, लोक शिक्षण संचालनालय ने 20 जनवरी तक प्री-बोर्ड परीक्षा कराने का आदेश जारी किया था। दोनों आदेशों के कारण कई स्कूलों में एक ही दिन दो परीक्षाएं आयोजित करने की नौबत आ गई थी।
इस स्थिति से प्राचार्य और शिक्षक खासे परेशान थे। सीमित स्टाफ, बाहरी परीक्षकों की उपलब्धता और समय प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। विद्यार्थियों पर भी पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा का अतिरिक्त मानसिक दबाव पड़ रहा था। कई स्कूलों ने इस समस्या को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय से मार्गदर्शन की मांग की थी।
जनवरी के पहले सप्ताह से ही अधिकांश स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हो चुकी थीं। इन परीक्षाओं के लिए अन्य स्कूलों से शिक्षक पर्यवेक्षक के रूप में बुलाए जाते हैं, जिससे स्कूलों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। इसी कारण पहले तय कार्यक्रम के अनुसार प्री-बोर्ड कराना संभव नहीं हो पा रहा था।
अब जिला शिक्षा विभाग के हस्तक्षेप के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। शिक्षा अधिकारियों का मानना है कि संशोधित कार्यक्रम से परीक्षा व्यवस्था सुचारु होगी और छात्रों को बोर्ड परीक्षा से पहले अपनी तैयारी सुधारने का उचित अवसर मिलेगा।
