अमेरिका में ग्रीनलैंड पर कब्जे का बिल पेश, 51वां राज्य बनाने का अधिकार मिलेगा
अमेरिकी सांसद रैंडी फाइन ने सोमवार को ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ नाम से एक बिल पेश किया है। इस बिल का मकसद अमेरिकी सरकार को ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में लेने और बाद में इसे अमेरिका का राज्य बनाने के लिए कानूनी अधिकार देना है। सांसद रैंडी फाइन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस बिल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कदम रूस-चीन के प्रभाव को रोकने के लिए बहुत जरूरी है। इसके बाद संसद को राज्य बनने के लिए जरूरी सुधारों की पूरी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अगर ये बिल पास हुआ तो अमेरिका को ग्रीनलैंड को अपना 51वां राज्य बनाने का अधिकार मिल जाएगा। हालांकि, यह बिल अभी सिर्फ पेश हुआ है इसे हाउस और सीनेट दोनों में पास होना है। कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बहुत मुश्किल से पास होगा, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। ग्रीनलैंड पर पिछले 300 सालों से डेनमार्क का कंट्रोल है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा है कि ग्रीनलैंड अमेरिकी रक्षा के लिए जरूरी है। उन्होंने हाल ही में कहा था कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है और वे इस दिशा में कदम उठा रहे हैं, चाहे दूसरे देश इसे पसंद करें या नहीं। ट्रम्प प्रशासन ने ग्रीनलैंड के लोगों को अमेरिका में शामिल होने के लिए पैसे देने जैसे तरीकों पर भी चर्चा की है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों ने ट्रम्प के इस तरीके की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे अपमानजनक बताया।
बिल पास होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति को कानूनी रूप से जरूरी सभी कदम उठाने का अधिकार मिल जाएगा। इसमें डेनमार्क के साथ बातचीत से लेकर अन्य तरीके शामिल हैं, ताकि ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र में मिलाया जा सके। अगर कब्जा सफल हो जाता है, तो ग्रीनलैंड अमेरिकी टेरिटरी बन जाएगा। राष्ट्रपति को कांग्रेस को एक रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें बताना होगा कि ग्रीनलैंड को 51वां राज्य बनाने के लिए कौन-कौन से फेडरल कानून बदलने होंगे। इसके बाद ग्रीनलैंड को अपना एक संविधान बनाना होगा, जो अमेरिकी संविधान के अनुरूप हो। संसद इसे मंजूरी देगी और ग्रीनलैंड अमेरिका का पूर्ण राज्य बन सकता है (जैसे अलास्का बना था)।
