रांची में हाईवोल्टेज ड्रामा… ED दफ्तर पहुंची रांची पुलिस की टीम, कर्मचारी से मारपीट के आरोप में छापेमारी

पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम के साथ जो कुछ भी हुआ, कुछ वैसा ही अब झारखंड की राजधानी रांची में होता दिख रहा है. रांची पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में छापेमारी कर दी है. दरअसल, ईडी के अधिकारियों पर पेयजल विभाग के अनुबंधित कर्मी संतोष से पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप है, जिसे लेकर दर्ज एफआईआर की जांच में पुलिस की टीम ईडी दफ्तर पहुंची है. इसके बाद से रांची के प्रवर्तन निदेशालय दफ्तर में गहमागहमी लगातार बढ़ रही है. रांची पुलिस के ईडी दफ्तर पहुंचने के बाद अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बलों को वहां तैनात किया गया है. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने रांची पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं तो झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी पलटवार किया है.

रांची पुलिस के ईडी दफ्तर पहुंचने के बाद सुरक्षा उपकरणों के साथ सीआईएसएफ की बटालियन वहां उतार दी गई है. भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने पुलिस की कार्रवाई की आड़ में साक्ष्यों से छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने की आशंका जताई है. मरांडी का कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पुलिस प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार मामले से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य ईडी दफ्तर में मौजूद हैं. कार्रवाई के नाम पर उन्हें नष्ट किया जा सकता है. मरांडी ने सोशल मीडिया के जरिए भारत सरकार, प्रधानमंत्री कार्यालय और मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर्स से ईडी कार्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता धीरज दुबे ने कहा कि देश कानून से चलता है और वह कानून सबके लिए बराबर है. अगर ईडी अपने दफ्तर में किसी को बुलाकर पूछताछ के बहाने टॉर्चर करेगी और उसका सिर फोड़ देगी और उसपर प्राथमिकी दर्ज होगी तो पुलिस अपना काम करेगी. इसी जांच को आगे बढ़ते हुए रांची पुलिस ईडी के दफ्तर में मौजूद है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेता इस मामले में गलतबयानी कर रहे हैं. धीरज दुबे ने कहा कि ईडी की कार्रवाई हमेशा सवालों के घेरे में ही रहती है. धीरज दुबे ने कहा कि जनता सब देख रही है कि प्रवर्तन निदेशालय को कैसे अपना टूल किट बनाकर भाजपा इस्तेमाल कर रही है और इसका जवाब पहले भी दिया गया था और आने वाले वक्त में भी दिया जाएगा.

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि ईडी ने कानून की सीमाएं तोड़ दी है. पुलिस पूछताछ कर रही है तो बाबूलाल मरांडी जी धमकी दे रहे हैं. झारखंड में कानून का इकबाल कायम होगा. आरोप ईडी व चुनाव आयोग पर लगता है और छटपटाहट बीजेपी को होती है. संवैधानिक संस्थाओं का माखौल उड़ूाने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती. भाजपा और बाबूलाल जी धमकी देना बंद करें.