झाबुआ मेला में बड़ा हादसा…. झूला गिरने से 15 स्कूली बच्चे घायल

मध्य प्रदेश के झाबुआ में चल रहे मेले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ड्रैगन झूला अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा. यह हादसा झाबुआ शहर के हाई सेकेंडरी ग्राउंड में लगे मेले में हुआ. झूले में बैठे लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही तेज आवाज के साथ झूला गिर गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई. झाबुआ में मेले के दौरान हुए झूला हादसे में घायलों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है, जिनमें से 15 बच्चों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है. हादसे में कई लोगों की जान बाल-बाल बची. जिस स्थान पर झूला गिरा, वहां से महज दो फीट की दूरी पर बिजली का खंभा था और गिरते समय झूला बिजली की केबल से भी टकरा गया. अगर तार टूट जाता, तो करंट फैलने से बड़ा हादसा हो सकता था. अब प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि बिजली के तारों के बीच झूला लगाने की अनुमति किसने दी और स्कूल के ठीक सामने मेला लगाने की इजाजत क्यों दी गई, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. बताया जा रहा है कि ड्रैगन झूले में उस वक्त स्कूली बच्चे सवार थे. राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई और किसी को गंभीर चोट नहीं आई. हालांकि, झूला गिरते ही बच्चों की चीख-पुकार सुनकर मेले में मौजूद लोग दौड़ पड़े.

हादसे के तुरंत बाद घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों से झाबुआ जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया. डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है. कई बच्चों को हल्की चोटें और डर का असर देखने को मिला. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह मोहबीया ने बताया कि मामले में पंचनामा तैयार कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती जांच में लापरवाही की बात सामने आ रही है.

हादसे के बाद मेला आयोजन समिति और झूले की निगरानी करने वालों पर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि झूलों की सुरक्षा जांच ठीक से नहीं की गई थी. अधिकारियों ने भी माना है कि कहीं न कहीं चूक हुई है, लेकिन असली वजह जांच के बाद ही साफ होगी. फिलहाल ड्रैगन झूले को बंद कर दिया गया है और मेला आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच की जा रही है. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.

 

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