ग्वालियर में रेबीज से महिला की मौत, 35 दिन पहले कुत्ते ने काटा था, डॉक्टर पर गंभीर आरोप

ग्वालियर: मध्य प्रदेश में कुत्तों का आतंक अब जानलेवा होने लगा है, बुधवार को ग्वालियर में रेबीज से महिला की मौत हो गई. मृतका की पहचान बगिया क्षेत्र निवासी किरन लालवानी के रूप में हुई है. 3 जनवरी को घर के पास ही महिला को कुत्ते ने काटा था. रेबीज की वजह से महिला ने 4 फरवरी को दम तोड़ दिया. परिजन ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है. ग्वालियर के गिरवाई थाना के बगिया क्षेत्र निवासी किरन लालवानी को करीब एक महीने पहले (3 जनवरी) को कुत्ते ने काट लिया था. इसके बाद फौरन वह एक नजदीकी निजी क्लीनिक पर पहुंचीं और टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर से पूछने पर उसने किरन को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने से माना कर दिया था.

कुछ दिन पहले महिला में रेबीज के लक्षण दिखाई देने लगे थे, उसे पानी से डर लगने लगा था. इसके बाद परिजन उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे और इलाज के लिए भर्ती कराया. महिला के लक्षण देख कर साफ समझ आर हा था कि उसे रेबीज की वजह हाइड्रोफोबिया हो गया है और इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया.

मृतका के बेटे कपिल ने बताया, ” मां डॉग बाईट के बाद सिंधी कॉलोनी में आरएमपी डॉक्टर माधवानी के पास गई थीं. जहां उन्होंने टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया था. डॉक्टर ने रेबीज का एंटीडोट लगाने से मना कर दिया था. कुछ दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. उन्हें अस्पताल में भर्ती इलाज के लिए कराया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी डेथ हो गई.” परिजनों का आरोप है कि नगर निगम आवारा कुत्तों को स्टेरलाइज करने का दावा करता है. फिर किरन रेबीज का शिकार कैसे हो गईं? किरन की मौत के लिए परिजनों ने डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराया है और उस पर कार्रवाई की मांग की है.

वहीं, मामले को लेकर हजार बिस्तर अस्पताल के रेबीज वैक्सीनेशन लैब टेक्निशियन ने बताया, ” महिला जब मंगलवार को अस्पताल आई थी तब रेबीज की वजह से हाइड्रोफोबिया का शिकार हो चुकी थी. उसे हवा और पानी से डर लग रहा था, जो बहुत क्रिटिकल कंडीशन होती है. उसे एक रेबीज एंटीडोट लगाकर मेडिसिन विभाग में भर्ती करा दिया था, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी.

 

 

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