जयपुर : धक्का देने वाले पुलिसकर्मियों को पुजारियों ने दिया सिर्फ 4 घंटे का अल्टीमेटम, मंदिर में आकर माफी मांगे, नहीं तो…
जयपुर के प्रसिद्ध तारकेश्वर महादेव मंदिर में पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद और गहरा गया है. महाशिवरात्रि के दिन हुई घटना के बाद मंदिर परिसर में वार्ता विफल हो गई है. अब पुजारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए 4 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. पुजारियों ने स्पष्ट कहा है कि धक्का देने वाले पुलिसकर्मी (माणक चौक थाने के एसआई सुरेश शर्मा पर आरोप) को मंदिर परिसर में आकर सार्वजनिक माफी मांगनी होगी. यदि ऐसा नहीं हुआ या उन पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो मंदिर के पट पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे. पुजारी और श्रद्धालु इस मुद्दे पर एकजुट हैं और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा रहे हैं.
मंदिर में हुई बैठक में विधायक बालमुकुंदाचार्य, एडिशनल एसपी नॉर्थ नीरज पाठक, माणक चौक थानाधिकारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी, लेकिन कोई सहमति नहीं बनी. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पूरी घटना की जांच चल रही है और मंदिर प्रशासन की ओर से दी गई शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि मामला संवेदनशील है, इसलिए सभी पक्षों की सुनवाई की जा रही है. हालांकि, पुजारियों के अल्टीमेटम पर पुलिस ने अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. यह विवाद महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना जा रहा है. यदि मंदिर बंद हुआ तो हजारों श्रद्धालुओं के दर्शन प्रभावित होंगे. स्थानीय स्तर पर रोष बढ़ता जा रहा है और सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा ट्रेंड कर रहा है.पुलिस और प्रशासन अब स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. यदि 4 घंटे के अंदर कोई समाधान नहीं निकला तो मंदिर बंद होने की संभावना मजबूत है. आगे की स्थिति पर नजर टिकी हुई है.
मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना के दौरान थाना माणक चौक के सब-इंस्पेक्टर सुरेश शर्मा पर आरोप लगा है कि उन्होंने मंदिर परिसर में जबरन प्रवेश किया. पुजारियों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें गर्भगृह से बाहर निकाल दिया गया. यह कार्रवाई किस कारण की गई, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह किसी छोटी-मोटी विवाद या भीड़ प्रबंधन से जुड़ी हो सकती है.
घटना की सूचना फैलते ही सैकड़ों श्रद्धालु और पुजारी आक्रोशित हो गए. उन्होंने तुरंत मंदिर के पट बंद कर दिए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के बीच ‘पुलिस ज्यादती बंद करो’, ‘पुजारियों का अपमान नहीं सहेंगे’ जैसे नारे गूंजने लगे. मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिससे दर्शनार्थियों की लंबी कतार प्रभावित हुई.
