अमेरिका ने UNSC में गाजा युद्धविराम प्रस्ताव पर लगाया वीटो, वैश्विक सहमति के बावजूद ठुकराया प्रपोजल

अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के गाजा में युद्धविराम कायम करने वाले प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया है। UNSC में बुधवार को इसके लिए वोटिंग हुई जिसमें 15 में से 14 देशों ने गाजा में युद्ध विराम के पक्ष में वोटिंग की। प्रस्ताव में सभी बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता प्रतिबंधों को हटाने की भी मांग की गई थी। अमेरिका इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने वाला एकमात्र देश था। अमेरिका ने इसे रोकने के लिए अपने वीटो पावर का इस्तेमाल किया। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत डोरोथी शिया ने कहा कि यह प्रस्ताव सीजफायर के ‘कूटनीतिक प्रयासों’ को कमजोर करेगा। इस प्रस्ताव को UNSC के 10 देश अल्जीरिया, डेनमार्क, ग्रीस, गयाना, पाकिस्तान, पनामा, कोरिया गणराज्य, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया और सोमालिया ने मिलकर प्रस्तुत किया था, जिसपर ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन ने भी सहमति जताई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की कार्यवाहक राजदूत डोरोथी शिया ने वोटिंग से पहले कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका किसी ऐसे प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा, जिसमें हमास की निंदा न की गई हो और जिसमें हमास के गाज़ा छोड़ने की मांग न हो. उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव अमेरिका के नेतृत्व में चल रही युद्धविराम की कोशिशों को भी कमजोर करेगा. ये वीटो इस बात को दोहराता है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने सबसे करीबी सहयोगी और सबसे बड़े सैन्य सहायता प्राप्तकर्ता इजरायल के साथ खड़ा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध रोकने के लिए दबाव लगातार बढ़ रहा है. यूएनएससी में प्रस्ताव पर वोटिंग ऐसे समय हुई है, जब इजरायल ने मार्च में 2 महीने के युद्धविराम को समाप्त करते हुए गाजा में फिर सैन्य अभियान शुरू कर दिया है. गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को इजरायली हमलों में 45 लोगों की मौत हुई, जबकि इजरायल ने कहा कि उसका एक सैनिक भी मारा गया.

गाजा में 20 लाख से अधिक लोग फंसे हुए हैं, जहां अकाल की स्थिति बन रही है और जरूरी सामान की भारी कमी है, भले ही इजरायल ने 11 सप्ताह से जारी नाकेबंदी को हाल ही में खत्म किया हो, लेकिन वहां हालात सामान्य नहीं हुए हैं. डोरोथी शिया ने कहा कि हम शांति चाहते हैं, लेकिन शांति का मतलब हमास को फिर से मजबूत होने देना नहीं हो सकता. इजरायल ने किसी भी बिना शर्त या स्थायी युद्धविराम की मांग को खारिज कर दिया है. इजरायल के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत डैनी डैनन ने सुरक्षा परिषद के उन सदस्यों पर निशाना साधा जिन्होंने प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया. उन्होंने कहा कि आपने तुष्टीकरण और समर्पण को चुना है, यह रास्ता शांति की ओर नहीं बल्कि और आतंक की ओर ले जाता है.

हमास ने अमेरिकी वीटो की निंदा करते हुए कहा कि यह अमेरिका के अंध समर्थन को दर्शाता है. प्रस्ताव में हमास और अन्य संगठनों द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों की तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग भी शामिल थी.

 

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