चांद के सफर पर ‘मैक एंड चीज’ की दावत! अंतरिक्ष में उड़ते हुए डिनर कर रहे एस्ट्रोनॉट्स
चांद की तरफ बढ़ रहे NASA के आर्टेमिस-II मिशन के एस्ट्रोनॉट्स ने अपने खाने का एक खास वीडियो साझा किया है. पहले स्पेस फूड का मतलब सिर्फ सूखा या पेस्ट जैसा खाना होता था, लेकिन अब यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. आर्टेमिस-II मिशन में एस्ट्रोनॉट्स ऐसा खाना खा रहे हैं, जो उन्हें घर जैसा एहसास दिलाता है. वैज्ञानिकों ने आर्टेमिस II के क्रू के लिए एक ऐसा मेन्यू तैयार किया है, जो न केवल सेहतमंद है, बल्कि स्वाद में भी लाजवाब है. क्योंकि ओरियन कैप्सूल में जगह कम है और वहां गुरुत्वाकर्षण भी नहीं है, इसलिए वहां का खाना हमारे घर जैसा आसान नहीं होता. नासा के वीडियो में देखा जा सकता है कि एस्ट्रोनॉट्स रीड वाइसमैन, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसन मजे से ‘मैक एंड चीज’ (Mac and Cheese) और ‘श्रिम्प कॉकटेल’ का आनंद ले रहे हैं. मिशन कमांडर रीड वाइसमैन और क्रिस्टीना कोच ने दिखाया कि उनके पास अंतरिक्ष में भी ‘मैक एंड चीज’ (Mac and Cheese) जैसा कम्फर्ट फूड मौजूद है. इसके अलावा मेन्यू में झींगा (Shrimp Cocktail), बारबेक्यू बीफ ब्रिस्केट, मैंगो सलाद और मसालेदार बीन्स जैसी 189 अनोखी चीजें शामिल हैं. यह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि घर की याद दिलाने वाला स्वाद है. जब आप हजारों किलोमीटर दूर होते हैं, तो ऐसी चीजें मन को काफी सुकून देती हैं.
Don’t worry: space has mac and cheese.
Food aboard Orion must be easy to prepare and consume in microgravity, minimize crumbs, and remain safe and stable throughout the mission. The crew provided input well before the meals were packed for the test flight. pic.twitter.com/FLDaK9owYq
— NASA Artemis (@NASAArtemis) April 5, 2026
अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं होता, इसलिए खाना जमीन की तरह नहीं खाया जा सकता. यहां हर चीज पैकेट में बंद होती है. खाने से पहले उसमें पानी मिलाया जाता है या उसे हल्का गर्म किया जाता है. फिर उसे चम्मच से या सीधे पैकेट से खाया जाता है, जिससे कुछ भी उड़कर इधर-उधर न जाए. इस खाने को विशेष रूप से हीट ट्रीट किया जाता है, जिससे यह बिना फ्रिज के भी सालों तक खराब नहीं होता. स्पेसक्राफ्ट के अंदर साधारण ब्रेड या बिस्किट खाना मना है. क्योंकि अंतरिक्ष में खाने के छोटे टुकड़े (Crumbs) जमीन पर नहीं गिरते, बल्कि हवा में तैरते रहते हैं. ऐसे में ये टुकड़े किसी एस्ट्रोनॉट की आंख में जा सकते हैं या स्पेसक्राफ्ट के संवेदनशील उपकरणों और तारों में फंसकर शॉर्ट सर्किट पैदा कर सकते हैं. इसलिए ऐसा खाना चुना जाता है, जो चिपचिपा हो और जिसके टुकड़े न उड़ें. अंतरिक्ष में आप खाने में नमक या काली मिर्च का पाउडर नहीं छिड़क सकते. गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण पाउडर हवा में तैरने लगेगा. यह एस्ट्रोनॉट की आंखों या नाक में जा सकता है, या स्पेसक्राफ्ट की नाजुक मशीनों में फंसकर उन्हें खराब कर सकता है. वहां नमक और मिर्च तरल (Liquid) रूप में दिए जाते हैं, जिन्हें तेल या पानी की बूंदों की तरह खाने में मिलाया जाता है.
ओरियन स्पेसक्राफ्ट में कोई गैस चूल्हा या माइक्रोवेव नहीं होता. खाना पहले धरती पर ही पकाकर उसकी सारी नमी सुखा दी जाती है. यह दिखने में सख्त टुकड़ों या पाउडर जैसा होता है. एस्ट्रोनॉट एक मशीन के जरिए खाने के पैकेट में गर्म पानी डालते हैं, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में खाना वापस अपने असली और स्वादिष्ट रूप में आ जाता है.
