श्मशान घाट में शादी.. अल्मोड़ा में परंपरा और आस्था से खिलवाड़! वीडियो वायरल होने पर लोगों में आक्रोश

अल्मोड़ा जिले के मर्चुला क्षेत्र में एक विवाह समारोह को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. रामगंगा और बदनगढ़ नदी के संगम पर स्थित उस स्थान पर शादी की रस्में निभाई गईं, जिसे स्थानीय लोग वर्षों से अंत्येष्टि स्थल के रूप में उपयोग करते आ रहे हैं. इसी स्थल पर नवविवाहित जोड़े ने विधि-विधान के साथ जयमाला की रस्म पूरी की, जिसका वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया. बताया जा रहा है कि यह विवाह समारोह कुछ दिन पहले आयोजित हुआ था. समारोह के दौरान सजावट कर उसी स्थान को मंडप का रूप दिया गया और मेहमानों की मौजूदगी में शादी की रस्में निभाई गईं. जैसे ही इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर सामने आया, यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. लोगों में खास नाराजगी इस बात को लेकर है कि जिस स्थान पर अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य होते हैं, वहां विवाह जैसे शुभ आयोजन को अंजाम दिया गया. कई लोग इसे स्थानीय परंपराओं और आस्थाओं के खिलाफ बता रहे हैं और इसे असंवेदनशील कदम मान रहे हैं.

स्थानीय स्तर पर भी विरोध बढ़ता जा रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता परम कांडपाल ने इस आयोजन पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि श्मशान घाट जैसे स्थल पर इस तरह का कार्यक्रम करना पूरी तरह अनुचित है और यह स्थानीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है.
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है. तहसीलदार आबिद अली ने स्पष्ट किया कि किसी भी सार्वजनिक स्थान, विशेष रूप से अंत्येष्टि स्थल पर आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है. बिना अनुमति इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया जाना नियमों के खिलाफ है.

मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है. तहसीलदार आबिद अली ने स्पष्ट किया कि किसी भी सार्वजनिक स्थान, विशेष रूप से अंत्येष्टि स्थल पर आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है. बिना अनुमति इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया जाना नियमों के खिलाफ है.