समुद्र के नीचे ‘ट्रेन एक्सीडेंट’ जैसा मंजर, दो टुकड़ों में फट रही है टेक्टोनिक प्लेट

धरती की सतह के हजारों फीट नीचे कुछ ऐसा हो रहा है, जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों की नींद उड़ा दी है. समंदर की अथाह गहराइयों के नीचे कुछ ऐसा हो रहा है, जिसे रिसर्चर्स ट्रेन एक्सीडेंट जैसा मंजर बता रहे हैं. धरती के अन्दर हो रही इस उथल-पुथल का सीधा संबंध उन टेक्टोनिक प्लेट्स से है, जिनमें हमारा पूरा जीवन टिका हुआ है. प्रकृति के अन्दर क्या चल रहा है, इसका अंदाजा लगाना हमेशा से ही मुश्किल रहा है. लेकिन वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसी सच्चाई का पता लगाया है, जिससे पूरी दुनिया को हैरान कर दिया और चिंता में डाल दिया. प्रशांत महासागर की गहराई में धरती के नीचे मौजूद एक विशाल टेक्टोनिक प्लेट अब धीरे-धीरे फटने लगी है. यह कोई साधारण जमीन के अन्दर होने वाला बदलाव नहीं है, बल्कि वैज्ञानिकों ने इसे समुद्र के अन्दर एक विनाशकारी ट्रेन एक्सीडेंट जैसा बताया है. वैज्ञानिकों ने पहली बार एक ऐसी जमीन के अन्दर होने वाली घटना को कैमरे और डेटा में रिकार्ड किया है, जो आने वाले समय में पृथ्वी का नक्शा बदल सकती है. प्रशांत महासागर के पैसिफिक नॉर्थवेस्ट इलाके में जमीन के नीचे मौजूद एक बड़ी टेक्टोनिक प्लेट में बड़ी दरार आने लगी है. साइंस एडवांसेस नाम की पत्रिका में छपी एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है, जिसने भूकंप और सुनामी के खतरों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.

सरल शब्दों में समझें तो धरती के नीचे कई टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं, जो आपस में टकराती रहती हैं. जब एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे दबती है, तो उसे सबडक्शन जोन कहते हैं. दुनिया के सबसे खतरनाक भूकंप और ज्वालामुखी अक्सर इन्हीं क्षेत्रों में आते हैं. अब वैज्ञानिकों ने कनाडा के वैंकूवर द्वीप के पास कास्केडिया क्षेत्र में इस सबडक्शन जोन को बीच से टूटते हुए देखा है.

इस रिसर्च में शामिल और लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ब्रैंडन शक ने एक दिलचस्प उदाहरण देकर इसे समझाया है. उन्होंने बताया सबडक्शन जोन को शुरू करना किसी ट्रेन को पहाड़ पर चढ़ाने जैसा है, इसमें बहुत ज्यादा ताकत लगती है. लेकिन एक बार जब यह शुरू हो जाता है, तो यह ढलान पर दौड़ती ट्रेन जैसा होता है जिसे रोकना लगभग नामुमकिन जैसा ही होता है. इसे खत्म करने के लिए एक जबरदस्त ट्रेन एक्सीडेंट जैसे पावर की जरूरत होती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्र के नीचे ठीक ऐसा ही ट्रेन एक्सीडेंट या प्लेट का फटना शुरू हो गया है.

साल 2021 में एक विशेष समुद्री जहाज मार्कस जी. लैंगसेथ की सहायता से समुद्र के तल में अल्ट्रासाउंड जैसी तरंगें भेजी गई थीं. इस प्रयोग को CASIE21 नाम दिया गया था. 15 किलोमीटर लंबे सेंसर एरे ने जो डेटा भेजा, उससे पता चला कि टेक्टोनिक प्लेट सिर्फ नीचे नहीं धंस रही है, बल्कि वह तेजी से फट भी रही है.

अगर इन प्लेट्स का फटना नहीं रुका और ये इसी तरह टूटती रहीं, तो इससे इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूकंप या सुनामी जैसी हलचल हो सकती है. पैसिफिक नॉर्थवेस्ट का यह इलाका पहले से ही भूकंप के प्रति संवेदनशील है, और प्लेट का फटना भविष्य में किसी बड़ी आपदा का संकेत हो सकता है.