साल में दो बार अचानक खुद ही फटकर रास्ता बना देता है ये समुद्र

किस्से-कहानियों में तो बहुत सुना होगा कि किसी ने छड़ी घुमाई और समंदर दो फाड़ हो गया, पर असल जिंदगी में ऐसा नजारा देखना हो तो दक्षिण कोरिया के जिंदो द्वीप (Jindo Island) चले आइए. यहां कुदरत का ऐसा ‘मिरेकल’ होता है, जिसे देखकर बड़े-बड़े सूरमाओं के पसीने छूट जाएं. साल में सिर्फ दो बार ये समंदर अपनी मर्जी से मुसाफिरों को रास्ता देता है और फिर अचानक ऐसे गायब हो जाता है, जैसे कभी था ही नहीं. इसे दुनिया ‘जिंदो मिरेकल’ (Jindo Miracle) के नाम से जानती है, जो जिंदो द्वीप को मोडो और सेओडो टापुओं से जोड़ता है. करीब 2.8 किलोमीटर लंबा यह रास्ता कोई इंसान का बनाया पुल नहीं, बल्कि ज्वार-भाटा (Tides) की वजह से उभरने वाली एक कुदरती पगडंडी है. जब सूरज और चांद का गुरुत्वाकर्षण अपना जोर दिखाता है, तो लहरें करीब 40 से 60 मिनट के लिए पीछे हट जाती हैं और बिछ जाती है रेत की एक शानदार सड़क. जब यह रास्ता खुलता है, तो वहां नजारा किसी जश्न से कम नहीं होता. हजारों की तादाद में लोग समंदर के बीचों-बीच टहलने, फोटो खिंचवाने और रेत में छिपे समुद्री जीवों को ढूंढने पहुंच जाते हैं.

इसे ‘जिंदो मिरेकल फेस्टिवल’ के तौर पर मनाया जाता है, जहां लोग नाचते-गाते इस अनोखी घड़ी का लुत्फ उठाते हैं. अगर आप 1 घंटे के भीतर वापस नहीं लौटे, तो समंदर दोबारा अपनी चादर तान लेगा और रास्ता छूमंतर हो जाएगा. जिंदो मिरेकल सिर्फ एक टूरिस्ट स्पॉट नहीं, बल्कि इस बात का सबूत है कि कुदरत से बड़ा कोई कलाकार नहीं. अगर एडवेंचर का चस्का है, तो इस जादुई रास्ते पर एक बार कदम जरूर रखें.