ग्वालियर कलेक्ट्रेट के बेंसमेंट में लगी भीषण आग, ई-दक्ष कंप्यूटर लैब और एसबीआई कियोस्क जलकर खाक
ग्वालियर। सिटी सेंटर स्थित कलेक्ट्रेट में मंगलवार शाम शार्ट सर्किट से भीषण आग भड़क गई। आग कलेक्ट्रेट की बिल्डिंग के पास बने ट्रांसफार्मर में शार्ट सर्किट से भड़की और इसके बाद केबलों के जरिये भवन तक पहुंची। बोर्ड और पैनलों में आग लगने के कारण पहले आग मैदान तल पर बनी एसबीआइ बैंक परिसर में लगी, जिसमें कियोस्क सेंटर का फर्नीचर, एसी व अन्य सामान जल गया। मैदान तल पर ट्रेजरी में बोर्ड व पैनलों में आग लग गई और सर्वर बाक्स भी उड़ गया।
दूसरी मंजिल पर ई-गर्वेनेंस के कक्ष के बगल से ई-दक्ष कंप्यूटर लैब में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, यहां पूरी लैब जल गई। यहां 26 कंप्यूटर लगे हुए थे और एसी व फर्नीचर सब जल गया। वहीं नीचे बेसमेंट में लगे बोर्ड व पैनल भी जल गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गई और बैंक में लगी आग को अग्निशमन यंत्र से काबू कर लिया गया। धुंए और गर्मी के कारण अमले का बुरा हाल हो गया। मौके पर कलेक्टर रुचिका चौहान, एडीएम, एसडीएम, निगम के अधिकारी व एसडीआरएफ मौके पर पहुंच गई थी।
एडीएम आफिस वाले तल पर महिला बाल विकास आफिस के आगे ई-दक्ष आफिस में केबलों व पैनल में शार्ट सर्किट से आग पहुंच गई। यहां 26 कंप्यूटर व तीन एसी अंदर थे और फर्नीचर भी रखा हुआ था। पूरे कमरे में आग थी और जब अमला बुझाने पहुंचा तो धुआं व अंदर इतना अधिक तापमान कि बुझाना मुश्किल हो रहा था। कलेक्ट्रेट के कर्मचारी मुंह पर कपड़ा बांधकर मशक्कत कर रहे थे फिर फायर अमला आ गया।
यहां ट्रांसफार्मर में पहली बार शार्ट सर्किट नहीं हुआ है, पहले भी तीन बार लगभग कभी वोल्टेज बढ़ने व शार्ट सर्किट के कारण बिजली गुल व आग लगने की घटना हुई हैं। कुछ समय पहले नकल शाखा के कक्ष में आग लगी थी और कुछ दिनों पहले भी वोल्टेज बढ़ने के कारण कई उपकरण फुंक गए थे। प्रशासन की ओर से बिजली कंपनी को पत्र भी लिखे जा चुके थे, लेकिन सुधार नहीं किया गया।
जिला प्रशासन की पहल पर हाल ही में आयोजित फायर सेफ्टी मेले का सकारात्मक परिणाम मंगलवार को देखने को मिला। कलेक्ट्रेट परिसर में लगी आग पर कर्मचारियों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए फायर उपकरणों की मदद से काफी हद तक काबू पा लिया। कलेक्ट्रेट के कर्मचारी भी फायर उपकरण लेकर आग बुझाने में जुट गए।
कर्मचारियों ने एकजुट होकर फायर सेफ्टी मेले में मिले प्रशिक्षण का उपयोग किया और फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही लगभग 90 प्रतिशत आग पर काबू पा लिया। कलेक्टर रुचिका चौहान ने आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी शासकीय सेवकों का उत्साहवर्धन किया और उनकी तत्परता एवं साहस की सराहना की।
