इस 15 साल की लड़की ने ढूंढ लिया 24 घंटे फ्री बिजली का तरीका
एक तरफ जहां समंदर से बिजली बनाने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियां अरबों रुपये के प्रोजेक्ट्स पर पानी की तरह पैसा बहा रही हैं, वहीं मात्र 15 साल की एक स्कूल जाने वाली बच्ची ने लगभग 1,200 से कम के खर्च में यह कमाल कर दिखाया है. 15 साल की एक छोटी सी लड़की ने कबाड़ के सामान से एक ऐसा चलता-फिरता जनरेटर बना दिया है, जो बिना धूप, बिना हवा के सिर्फ समंदर की लहरों से 24 घंटे बिजली फ्री दे सकता है. इस छोटी सी बच्ची के दिमाग को देखकर दुनिया भर के लोग हैरान हैं. फ्लोरिडा की रहने वाली 15 साल की स्टूडेंट हैना हर्बस्ट ने मात्र 12 डॉलर यानी करीब 1,200 रुपये की लागत से एक छोटा हाइड्रोइलेक्ट्रिक जनरेटर तैयार किया है, जो समुद्र की लहरों से फ्री बिजली बना सकता है. इस डिवाइस का नाम BEACON यानी ब्रिंगिंग इलेक्ट्रिसिटी एक्सेस टू कंट्रीज थ्रू ओशन एनर्जी रखा गया है. इसे बनाने के लिए हैना ने रिसाइकिल यानी कचरे का सामान, PVC पाइप और एक 3D प्रिंटेड प्रोपेलर यानी पंखे का इस्तेमाल किया है. इस कमाल के इनोवेशन के लिए उन्हें 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज में भी सम्मानित किया जा चुका है.
सोलर पैनल को धूप और विंड टरबाइन को हवा की जरूरत होती है, जो मौसम पर निर्भर करती है. लेकिन समुद्र की लहरें 24 घंटे चलती रहती हैं. जब समुद्र का पानी इस पाइप से निकलता है, तो पानी के बहाव से 3D प्रिंटेड प्रोपेलर घूमता है. यह प्रोपेलर एक छोटे हाइड्रोइलेक्ट्रिक जनरेटर से कनेक्ट होता है, जो पानी की स्पीड को बिजली में बदल देता है. फ्लोरिडा के समुद्र में जब इसका ट्रायल किया गया, तो इस छोटे से डिवाइस ने कई LED लाइट्स को आसानी से जला दिया.
हैना के मुताबिक उन्हें यह आइडिया तब आया जब उन्हें पता चला कि इथियोपिया में रहने वाले उनके एक पेन-पाल यानी खत लिखने वाले दोस्त के गांव में बिजली नहीं है. हैना का मानना है कि अगर इस डिवाइस को बड़े पैमाने पर तैयार किया जाए, तो यह मात्र 1 घंटे में कई कार बैटरियों को चार्ज कर सकता है. इससे दूर-दराज के तटीय गांवों में न सिर्फ बिजली पहुंचाई जा सकती है, बल्कि पानी साफ करने वाली मशीनें भी चलाए जा सकते हैं.
सबसे खास बात यह है कि ज्यादातर लोग ऐसे आविष्कारों को पेटेंट कराकर करोड़ों कमाते हैं, लेकिन हैना का मकसद पूरी तरह से अलग है. उन्होंने एलान किया है कि वह इस तकनीक को ओपन सोर्स रखेगी, जिससे दुनिया का कोई भी गरीब देश या व्यक्ति इंटरनेट से इसका ब्लूप्रिंट डाउनलोड करके खुद अपने लिए बिजली बना सके.
