संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं…रामभद्राचार्य के खिलाफ बयान से भड़का हिंदू समाज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का पुतला दहन
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के जगदगुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ दिए बयान को लेकर सियासी और धार्मिक माहौल गरमा गया है। हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को देवकीनंदन चौक पर चरणदास महंत का पुतला दहन कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि, सूरजपुर में आयोजित संत रामभद्राचार्य की कथा को लेकर चरणदास महंत ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शन के दौरान हिंदू सेना के पदाधिकारियों ने कांग्रेस पर संतों और बाबाओं का अपमान करने का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि, हिंदुओं के वोट से चुनाव जीतते हैं और हमारे ही धर्म गुरुओं और धार्मिक संतों का अपमान करते हैं। ऐसे बिगड़ैल नेता केवल सनातन धर्म के संतों को टारगेट करते हैं। लेकिन, दूसरे धर्मों के लोगों पर बयान देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। कांग्रेस हो या भाजपा किसी भी पार्टी के नेता को हिंदू समाज और सनातनी संतों का अपमान करेंगे वो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंदूवादी नेता राम सिंह ठाकुर ने कहा कि, चरणदास महंत को रामभद्राचार्य से माफी मांगे। यदि चरणदास महंत बिलासपुर आते हैं, तो उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा और शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। हिंदू समाज संतों के अपमान को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा और विरोध आगे भी जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की।
चरणदास महंत ने सनातन धर्म के अनुयायी रामभद्राचार्य पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि, वे जगद्गुरु रामभद्राचार्य को ‘जगद्गुरु’ नहीं मानते और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सहित कई अन्य बाबा महज फर्जी हैं, जो लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। महंत के इस तीखे और आक्रामक रुख के सामने आने के बाद सनातन धर्म के अपमान को लेकर तीखी बहस और विवाद छिड़ गई है।
