TMC विधायकों की शिकायत पर ममता के घर पहुंची CID, पुलिस आने के बाद एंट्री मिली

TMC में चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को CID की टीम ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पहुंची। इसी परिसर में पार्टी का केंद्रीय कार्यालय भी है। शुरुआत में टीम को अंदर जाने से रोक दिया गया, लेकिन बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी में अधिकारियों ने परिसर में प्रवेश किया। TMC के पूर्व सांसद सुभाषिश चक्रवर्ती ने कहा कि अभिषेक बनर्जी की गैरमौजूदगी में तलाशी की अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि अभिषेक के आने के बाद एजेंसी जांच कर सकती है।

दरअसल, पार्टी के कुछ बागी विधायकों ने स्पीकर को शिकायत भेजी थी। उनका आरोप है कि शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता विपक्ष बनाने के प्रस्ताव पर अभिषेक बनर्जी के लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया और उस पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। विधायकों ने अभिषेक पर ही फर्जी दस्तखत कराने का आरोप लगाया है। CID अधिकारियों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी ने एजेंसी के नोटिस के जवाब में बताया था कि विधायकों के हस्ताक्षर 30बी हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित TMC के केंद्रीय कार्यालय में जुटाए गए थे। यह कार्यालय ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास परिसर में ही है। इसी जानकारी के आधार पर जांच टीम वहां पहुंची। इससे पहले सोमवार को CID की टीम अभिषेक बनर्जी के घर भी पहुची थी।

सीआईडी ​​सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक ने जांचकर्ताओं के सामने पेश होने के लिए और समय मांगा था। उन्होंने एजेंसी को बताया था कि वह पहले से तय अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, जिनमें सोमवार को INDIA ब्लॉक की बैठक शामिल है। CID ने उन्हें मंगलवार शाम 5 बजे तक एजेंसी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था।

CID के पहुंचने के बाद कालीघाट थाने के सीनियर अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्हें सुरक्षा कर्मियों से बातचीत की। इसके बाद जांच टीम परिसर के अंदर घुसी। CID अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रोसेस शुरू की। इसी मामले में CID की एक अन्य टीम ने अभिषेक बनर्जी के कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय का भी दौरा किया।

ममता बनर्जी से पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को TMC विधायक दल का नेता मानने और उन्हें नेता विपक्ष के मान्यता देने के स्पीकर के फैसले के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इसकी सुनवाई कल 10 जून को होनी है।

ममता बनर्जी ने TMC से 2 विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निकाल दिया था। दोनों ने स्पीकर से शिकायत की थी कि पार्टी ने शोभनदेव को नेता विपक्ष बनाने वाले प्रस्ताव में उनके उनके फर्जी साइन किए थे। साहा और बनर्जी का आरोप है कि यह शिकायत करने पर ही दोनों TMC से निकाले गए। इसके बाद 3 मई को पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन कर दिया। उन्हें विपक्ष का नेता चुना गया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता भी मिल गई।