FIFA World Cup 2026: 32 साल में कितना बदला फुटबॉल का महाकुंभ? USA 1994 से हर मामले में अलग

अमेरिका में 1994 में खेले गए पहले फीफा विश्व कप और 2026 में अमेरिका, मेक्सिको तथा कनाडा की संयुक्त मेजबानी में होने वाले विश्व कप के बीच कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक चलने वाला यह टूर्नामेंट आकार, टिकट कीमतों और सुविधाओं के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा विश्व कप होगा।
1994: पहले दौर के मैचों के टिकट 25 से 75 डॉलर तक मिल जाते थे, जबकि फाइनल के टिकट 180 से 475 डॉलर के बीच थे। 2026: पहले दौर के टिकट 140 डॉलर से शुरू होकर 2,735 डॉलर तक पहुंच रहे हैं। फाइनल के टिकट 4,185 डॉलर से लेकर 8,680 डॉलर तक बेचे गए, जबकि बाद में उनकी अधिकतम कीमत बढ़ाकर 10,990 डॉलर कर दी गई। इस बार टिकटों की कीमत मांग के अनुसार बदलने वाली ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ प्रणाली भी लागू की गई है।

टीमों की संख्या बढ़ी

1994: विश्व कप 24 टीमों वाला आखिरी टूर्नामेंट था। इसके बाद 1998 में टीमों की संख्या 32 हुई।

2026: पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी। नए प्रारूप के कारण चैंपियन बनने वाली टीम को अब सात की जगह आठ मैच खेलने होंगे।

मैदानों का आकार

1994: उस समय फीफा मैदान की लंबाई 105 मीटर और चौड़ाई 68 मीटर तय की थी लेकिन स्टेडियमों को निर्धारित माप से छोटे मैदान रखने की छूट थी।

2026: सभी स्टेडियमों को फीफा के तय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है।

दर्शकों की संख्या

1994: विश्व कप में 52 मैचों में कुल 35.9 लाख दर्शक पहुंचे थे, जो उस समय रिकॉर्ड था।

2026: मैचों की संख्या बढ़ने के कारण 60 से 70 लाख दर्शकों के आने की संभावना जताई जा रही है।

भौगोलिक दायरा

1994: पूरा टूर्नामेंट अमेरिका के नौ स्टेडियमों में खेला गया था। 2026: तीन देशों में फैला होगा आयोजन। 16 स्टेडियमों का उपयोग होगा, जिनमें 11 अमेरिका, तीन मेक्सिको और दो कनाडा में हैं। क्वार्टर फाइनल से लेकर फाइनल तक के सभी मुकाबले अमेरिका में होंगे।

वाटर ब्रेक (पानी पीने के लिए समय): 1994: गर्म और उमस भरे मौसम के बावजूद मैच बिना किसी विशेष पानी के विराम के खेले जाते थे।

2026: प्रत्येक हाफ में तीन मिनट का वॉटर ब्रेक होगा। कोच इस समय का उपयोग खिलाड़ियों को रणनीति समझाने के लिए भी कर सकेंगे।