नक्सल विरोधी अभियान के हीरो सुंदरराज पी बनें NIA में आईजी, केंद्र सरकार ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर अपनी मजबूत रणनीति और सख्त कामकाज के लिए पहचान बनाने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. केंद्र सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया है. बस्तर जैसे संवेदनशील इलाके में वर्षों तक काम करने के बाद अब वे देश स्तर पर आतंकी मामलों से निपटने में अहम भूमिका निभाएंगे.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस नियुक्ति को लेकर आदेश जारी कर दिया है. 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को प्रतिनियुक्ति के आधार पर NIA में IG बनाया है. मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार से उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने को कहा है, ताकि वे अपनी नई जिम्मेदारी जल्द संभाल सकें.

सुंदरराज पी पिछले करीब पांच वर्षों से बस्तर में आईजी पुलिस के पद पर तैनात थे. इस दौरान उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन चलाए और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया. उनके नेतृत्व में नक्सल गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगाने में सफलता मिली. बस्तर में हुए बदलाव के पीछे सुंदरराज पी को एक अहम चेहरा माना जाता है. उन्होंने लगातार फील्ड में रहकर रणनीति बनाई और सुरक्षाबलों के साथ मिलकर काम किया. उनके कार्यकाल में नक्सल घटनाओं में कमी और प्रशासन की पकड़ मजबूत होने को बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जाता है.

NIA में IG बनने के बाद सुंदरराज पी अब राष्ट्रीय स्तर पर आतंक और संगठित अपराध से जुड़े मामलों को संभालेंगे. बस्तर में मिले अनुभव के आधार पर उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में अहम योगदान देंगे.
एक समय नक्सल हिंसा के लिए चर्चित बस्तर अब धीरे-धीरे विकास और शांति की ओर बढ़ रहा है. इस बदलाव के बीच सुंदरराज पी जैसे अधिकारियों की भूमिका अहम मानी जाती है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण हालात में भी धैर्य और रणनीति से काम करते हुए स्थिति को बदलने में योगदान दिया.