शिवसेना UBT के 6 सांसद आज शिंदे गुट जॉइन करेंगे, आदित्य ठाकरे बोले- पार्टी छोड़ने वाले लालची-बिकाऊ
महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना विधायक प्रताप सारनाईक ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के 6 बागी सांसद आज दोपहर 3 बजे एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेटर सौंप दिया है। उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने X पर एक पोस्ट के जरिए बागी सांसदों की आलोचना की। उन्होंने कहा- पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी और साख बिकाऊ है। कम से कम यह मान लीजिए कि लालच की वजह से आपने रातोंरात बिना किसी शर्म के यह सब छोड़ दिया। सांसदों के बगावत के बीच उद्धव 27 जून से महाराष्ट्र में जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस दौरान वे बागी सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों में भी जाएंगे। उद्धव 27 जून को यवतमाल, वाशिम और हिंगोली जाएंगे। 28 जून को परभणी और धाराशिव का दौरा करेंगे। 29 जून को शिर्डी पहुंचेंगे।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को पार्टी की टूट पर कहा कि बाल ठाकरे की बनाई शिवसेना ने 30 साल तक कांग्रेस से लड़ाई लड़ी। लेकिन कांग्रेस ने कभी शिवसेना को खत्म करने या उसका नाम छीनने की कोशिश नहीं की। मुंबई के भांडुप में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा- शिवसेना ने जिस भाजपा को उसके शुरुआती दौर में आगे बढ़ने में मदद की, आज वही शिवसेना तोड़ने का पाप कर रही है। भाजपा दूसरों के बच्चे चुराने का काम करती है। उद्धव ने एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब केवल एक ही शिवसेना है और उसका नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं।
ठाकरे ने कहा, ‘मेरे नेतृत्व वाली शिवसेना ही असली और एकमात्र शिवसेना है। छह सांसदों की बगावत के बावजूद मैं निराश नहीं हूं।’ रिपोर्ट्स के मुताबिक, 6 बागी सांसद आज शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के बागी 6 सांसदों में से दो रविवार को सामने आए। धराशिव के सांसद ओमराजे निम्बालकर ने पुणे में कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में ऐलान किया कि वह एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होंगे। वहीं, हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर ने सोशल मीडिया के जरिए अपना रुख साफ किया है। उन्होंने कहा- मैं पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से बिल्कुल भी नाराज या परेशान नहीं हूं। बगावत का मुख्य कारण निर्वाचन क्षेत्र का विकास और धन की कमी है।
पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी थी। 17 जून को बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर सौंपकर खुद को अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। सांसदों ने चिट्ठी में उद्धव से अलग होने की वजह बताते हुए दावा किया है कि ठाकरे गुट के सीनियर नेता शिवसेना का विलय कांग्रेस में करना चाहते थे। उद्धव विचारधारा बदल चुके हैं। पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए हम अलग हो रहे हैं।
