दुनिया का सबसे रहस्यमई जानवर, सबसे बड़े दिमाग का मालिक, पैरों से भी सुन सकते हैं आवाज!
हाथी का विशाल शरीर देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. लेकिन इसके शरीर और व्यवहार से जुड़े कई ऐसे रहस्य हैं जो आपको हैरत में डाल देंगे. हाथी सिर्फ बड़ा जानवर नहीं है, बल्कि प्रकृति का एक अद्भुत चमत्कार है. सबसे बड़ा दिमाग, लंबी याददाश्त, सूंड का जादू, पैरों से सुनने की क्षमता और 22 महीने की गर्भावस्था- ये सब हाथी को दुनिया का सबसे रहस्यमयी जानवर बनाते हैं. हाथी का दिमाग पांच किलो तक वजन का होता है, जो किसी भी स्थलीय जानवर का सबसे बड़ा दिमाग है. इंसान का दिमाग औसतन 1.4 किलो का होता है. इतने बड़े दिमाग की वजह से हाथी की याददाश्त बेहद तेज होती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि हाथी 50 साल पुरानी घटनाओं, जगहों और साथियों को आसानी से याद रख सकता है. अफ्रीका में कई बार देखा गया है कि हाथी उन जगहों पर पानी की तलाश में जाते हैं जहां दशकों पहले पानी मिला था.
हाथी की सूंड ना सिर्फ सूंघने का काम करती है बल्कि यह एक मल्टीपर्पज टूल है. छोटे-छोटे तिनके, फल, मिट्टी के ढेले से लेकर 300-400 किलो की भारी लकड़ी तक आसानी से उठा लेता है. सूंड में 40,000 से ज्यादा मांसपेशियां होती हैं, जो इसे बेहद निपुण बनाती हैं. हाथी सूंड से पानी पीता है, नहाता है, खाना खाता है, दूसरे हाथियों से संपर्क करता है और यहां तक कि पेड़ की पत्तियां तोड़कर मुंह तक पहुंचाता है.
ये सुनकर हैरानी होगी कि हाथी कान से ही नहीं, बल्कि पैरों और सूंड से भी आवाज सुनता है. हाथी धरती के कंपन को अपने पैरों के जरिए महसूस करता है. दूर कहीं पानी का बहना, दूसरे हाथियों का चलना या खतरे की आहट— सब कुछ पैरों के जरिए पकड़ लेता है. वैज्ञानिक इसे “इंफ्रासाउंड” कहते हैं. हाथी कम फ्रीक्वेंसी की आवाजें बहुत दूर तक सुन और पहुंचा सकते हैं.
हाथी की गर्भावस्था भी अनोखी है. मादा हाथी करीब 22 महीने (लगभग 2 साल) तक गर्भवती रहती है. ये किसी भी स्तनधारी जानवर में सबसे लंबा समय है. इस दौरान बच्चा मां के अंदर पूरा विकसित होता है. जन्म के समय बच्चा 90 से 120 किलो तक भारी होता है. जन्म के बाद भी मां बच्चे की देखभाल कई साल तक करती है. हाथी परिवार में मातृसत्ता होती है, जहां सबसे बुजुर्ग मादा पूरे झुंड का नेतृत्व करती है.
एक वयस्क हाथी रोजाना 150 से 300 किलो तक भोजन खा सकता है. यह घास, पत्तियां, फल, छाल और जड़ें खाता है. साथ ही रोज 150-200 लीटर पानी पीता है. गर्मी के दिनों में यह कई घंटे पानी में रहकर ठंडक हासिल करता है.
हाथी 70 साल तक जीवित रह सकते हैं. वे दर्पण में खुद को पहचान सकते हैं. ये क्षमता इंसान, कुछ बंदरों और डॉल्फिन में भी पाई जाती है. हाथी एक-दूसरे के शोक में भी शामिल होते हैं. मृत साथी की हड्डियों को छूकर वे भावुक हो जाते हैं. अफ्रीकी और एशियाई हाथी दोनों में थोड़े अंतर हैं. अफ्रीकी हाथी बड़े होते हैं और कान भी बड़े होते हैं.
