अभिजीत दीपके का दावा – ‘आज रात CJP टीम को गिरफ्तार किया जाएगा’
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि उन्हें मिली गुप्त सूचना के अनुसार, उनके संगठन के कार्यकर्ताओं और CJP टीम को आज रात ही गिरफ्तार किया जा सकता है। इस संभावित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर उन्होंने अपने समर्थकों और आंदोलन से जुड़े तमाम लोगों को पहले ही सतर्क कर दिया है। दीपके ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि सरकार उन्हें या उनकी टीम को हिरासत में लेती है, तब भी यह आंदोलन किसी भी स्थिति में रुकना नहीं चाहिए, बल्कि इसे और तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
अभिजीत दीपके ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उनका तर्क है कि जब संगठन के कार्यकर्ता पिछले 35 दिनों से पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं, तो आखिर प्रशासन को गिरफ्तारी की जरूरत क्यों महसूस हो रही है।
ऐतिहासिक शांतिपूर्ण धरना: दीपके का दावा है कि आजाद भारत के राजनीतिक इतिहास में इतना लंबा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन शायद ही कभी पहले देखने को मिला हो।
गांधी और आंबेडकर के मार्ग पर: उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पूरी टीम महात्मा गांधी और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के आदर्शों पर चलती है और भारतीय संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात रख रही है।
गिरफ्तारी पर आपत्ति: दीपके ने सवाल उठाया कि जब लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से विरोध दर्ज कराया जा रहा है, तो सरकार दमनकारी नीतियां अपनाते हुए गिरफ्तारी की योजना क्यों बना रही है।
अभिजीत दीपके ने सरकार को चेतावनी दी है कि CJP टीम के खिलाफ गिरफ्तारी जैसा कोई भी कदम उठाना एक बहुत बड़ी रणनीतिक भूल साबित होगी।
पूर्व के उदाहरण: उन्होंने याद दिलाया कि जिस प्रकार सोनम वांगचुक को आंदोलन स्थल से हटाने के बाद विरोध-प्रदर्शन और अधिक मजबूत हो गया था, उसी तरह पुलिसिया कार्रवाई से आंदोलन कमजोर होने के बजाय और व्यापक रूप ले लेता है।
देशव्यापी प्रसार: प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के कारण यह आंदोलन पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच चुका है।
अभिजीत दीपके ने अपने संबोधन में यह भी साफ कर दिया कि हिंसा या अराजकता फैलाने वाले लोग कभी भी CJP के वास्तविक समर्थक नहीं हो सकते। आंदोलन का एकमात्र उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से देश के सामने रखना है।
उन्होंने दोहराया कि CJP का यह विरोध-प्रदर्शन तब तक अनवरत जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। जंतर-मंतर पर चल रहा यह अनशन और धरना मंत्री के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक अडिग रहेगा।
