लिखित आश्वसान मिला, 3 बातों पर सहमति; वांगचुक ने VIDEO जारी कर बताई अनशन तोड़ने की वजह
गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती सोनम वांगचुक ने गुरुवार आधी रात को अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया। पेपर लीक के खिलाफ वे 27 दिन से अनशन थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। अनशन समाप्त होने के बाद वांगचुक ने इसका वीडियो जारी किया। इसमें वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने के बारे में बताया। कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि वे संसद में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नीट (NEET) पेपर लीक मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगे। पिछले दो दिनों से सरकार के साथ बातचीत चल रही थी। वे चाहते थे कि आश्वासन केवल मौखिक न होकर लिखित में हो। लिखित पत्र मिलने के बाद ही उन्होंने अनशन खत्म करने का फैसला लिया। इसके अलावा सरकार से उनकी तीन बातों पर भी सहमति बनी है।
उधर, इस वीडियो में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है। राजनीति के जानकारों की माने तो अब इस मामले में सीजेपी और वांगचुक का रुख अलग हो गया है।
श्री सोनम वांगचुक जी ने अपने अनशन को समाप्त कर दिया।
सुनिए, श्री सोनम वांगचुक जी का पूरा संदेश… pic.twitter.com/J3sFC8QUqT
— Haryana BJP (@BJP4Haryana) July 24, 2026
“नमस्कार दोस्तों,
आज 26वें दिन मैं आप लोगों को कुछ खास खबर बताना चाहूंगा। अभी रात के लगभग 12:30 बज रहे हैं। अभी थोड़ी देर पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा साहब और जितेंद्र सिंह साहब यहां आए थे और लद्दाख के एपेक्स बॉडी के शीर्ष नेतागण भी यहां आए थे।
आप लोगों को मालूम है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने आकर और हस्ताक्षर देकर हमसे अनशन तोड़ने के लिए कहा और वो संसद में इस मुद्दे (नीट पेपर्स और परीक्षाओं की प्रणाली) पर चर्चा करेंगे, ये आश्वासन दिया।
और जो सरकार की तरफ से मंत्रीगण आए थे, उन्होंने भी ये आश्वासन दिया, जिसका कि दो दिन से हम बहुत ही कड़ा या यूं कहें कि एक तरह का बारगेन चल रहा था कि मुझे आश्वासन चाहिए और लिखित में चाहिए और इसमें दो दिन लगे और मुझे इसलिए अनशन पर दो दिन और बैठना पड़ा, और ज्यादा भी बैठ जाता तो… आखिर में आज उन्होंने लिखकर आश्वासन दिया है।”
“दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों तथा 20 जुलाई, 2026 को संसद मार्च में भाग लेने वालों के खिलाफ मामले (केस) दर्ज न करने को लेकर सरकार का रुख सकारात्मक है। सरकार संसद में पेपर लीक के समाधान और परीक्षाओं के लिए शैक्षणिक सुधारों पर गहन (विस्तृत) चर्चा का आश्वासन पहले ही दे चुकी है। इसके अलावा, सरकार हाल ही में हुए NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ितों के परिवारों के लिए उपयुक्त मुआवजे पर भी सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।”
अनशन खत्म करने की जानकारी: सोनम वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और ‘लद्दाख एपेक्स बॉडी’ के नेताओं की मौजूदगी में जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया।
65 सांसदों का समर्थन: उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने अस्पताल आकर हस्ताक्षर युक्त पत्र सौंपा और आश्वासन दिया कि वे संसद में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नीट (NEET) पेपर लीक मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
लिखित आश्वासन मिला: सोनम वांगचुक ने कहा कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ कड़ी बातचीत चल रही थी। वे चाहते थे कि आश्वासन केवल मौखिक न होकर लिखित में हो। लिखित पत्र मिलने के बाद ही उन्होंने अनशन खत्म करने का फैसला लिया।
सरकार से 3 मुख्य बातों पर सहमति बनी
कोई पुलिस कार्रवाई नहीं: 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई FIR या पुलिस केस नहीं दर्ज किए जाएंगे।
संसद में चर्चा: प्रतियोगी परीक्षाओं की समस्याओं और शिक्षा सुधारों पर संसद में विस्तृत चर्चा की जाएगी।
मुआवजे पर विचार: नीट पेपर लीक प्रकरण से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे पर सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी।
