बसों पर चढ़े किसान, CM हाउस की ओर बढ़े… भोपाल में बेबस दिखी पुलिस

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य यानी MSP पर मूंग की 100% ख़रीदी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों का गुस्सा राजधानी भोपाल की सड़कों पर फूट पड़ा है. नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन और विदिशा समेत 19 किसान संगठनों के हजारों किसान पुलिस की बैरिकेडिंग ध्वस्त करते हुए भोपाल के वीर सावरकर सेतु को पार कर चुके हैं और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. उधर, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज शाम 6 बजे के बाद किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात करने के लिए हामी भर दी है.

प्रदर्शनकारी किसान बसों पर चढ़कर नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं, जबकि मौके पर तैनात पुलिस बल उग्र भीड़ के आगे असहाय और बेबस नजर आ रहा है.

राजधानी में उपजे तनावपूर्ण हालात और ट्रैफिक जाम के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव का आधिकारिक बयान सामने आया है. CM ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के साथ सदैव खड़ी है. हम सकारात्मक सुझावों के साथ समस्या का समाधान हमेशा संवाद से निकालते हैं. जनता को किसी प्रकार का कष्ट न हो, इसकी चिंता दोनों पक्षों को करनी चाहिए. हमारी सरकार ने एक विशेष कमेटी गठित की है, जो किसान भाइयों से सतत संवाद कर रही है.

उधर, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि CM मोहन यादव बुधवार शाम 6 बजे के बाद किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे.

किसानों का मुख्य विरोध सरकार द्वारा तय की गई खरीदी सीमा को लेकर है. दरअसल, 1 एकड़ खेत में औसतन 4 से 5 क्विंटल मूंग की पैदावार होती है, लेकिन सरकार समर्थन मूल्य पर केवल 1.20 क्विंटल ही खरीद रही है. बची हुई 3 से 4 क्विंटल मूंग को किसान मंडी में औने-पौने दामों यानी 4000 से 5500 रुपये तक में बेचने पर मजबूर हैं.

इसी घाटे की भरपाई और शत-प्रतिशत खरीद की मांग को लेकर नर्मदापुरम से चला यह ‘किसान मार्च’ अब राजधानी के मुख्य प्रशासनिक इलाकों तक पहुंच चुका है.