भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मशाल सौंपी गई, नीरज, पीटी ऊषा को ध्वज मिला
ग्लासगो में 11 दिन तक चले कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन हो गया है। रविवार रात को ओवो हाइड्रो एरिना में ऑस्ट्रेलियन सिंगर डेल्टा गूडरेम की परफॉर्मेंस से क्लोजिंग सेरेमनी की शुरुआत हुई। उसके बाद कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के प्रेसिडेंट डॉ. डोनाल्ड रुका ने 2030 गेम्स के मेजबान भारत को मशाल सौंपी। यहां नीरज चोपड़ा, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी मौजूद रहे।
भारत के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण! 🇮🇳
2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से भारत को सौंप दी गई है। IOA अध्यक्ष पी.टी. उषा जी, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी जी और भारत के स्वर्णिम सितारे नीरज चोपड़ा जी ने राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज ग्रहण किया।… pic.twitter.com/K7u8DhSikB
— BJP Himachal Pradesh (@BJP4Himachal) August 3, 2026
आखिर शंकर महादेवन, मानुषी छिल्लर, सितार वादक ऋषभ रिखीराम और भूमि त्रिवेदी जैस भारतीय कलाकारों ने इंडियन ट्रेडिशन में गेम्स का स्वागत किया।
ऋषभ रिखीराम सितार और रॉस एंसली ने बैगपाइपर पर जुगलबंदी पेश की। रिखीराम ने शिव तांडव स्त्रोत गाया। 2017 की मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर ने वंदे मातरम् पर डांस किया।
शंकर महादेवन ने ऐ वतन और भाग मिल्खा मिल्खा गाया। उन्होंने अपने बेटों सिद्धार्थ, शिवम और भूमि त्रिवेदी के साथ परचम लहरा दो…गाने पर परफॉर्मेंस दी।
सेरेमनी की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियन सिंगर डेल्टा गूडरेम, मशहूर बैंड एलीफेंट सेशंस और शेरीन कटकेल्विन की प्रस्तुति में स्कॉटलैंड के कल्चर की झलक दिखी।
2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने 100 साल पूरे करेगा। पहला एडिशन 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुआ था। भारत दूसरी बार गेम्स की मेजबानी करेगा।
इससे पहले भारत ने 2010 में गेम्स की मेजबानी की थी। तब सारे इवेंट दिल्ली में हुए थे। ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 5 बार गेम्स की मेजबानी की है। कनाडा और स्कॉटलैंड में 4 बार टूर्नामेंट खेला गया।
