अब मिठास भी महंगी : शक्कर पहली बार थोक में 50 और चिल्हर में 55 रुपए किलो
रायपुर। त्योहारी सीजन के ठीक पहले बाजार में शक्कर की कृत्रिम कमी पैदा करके इसके दाम बढ़ा दिए गए हैं। प्रदेश में पहली बार शक्कर के दाम थोक में 50 और चिल्हर में 55 रुपए हो गए हैं। केंद्र सरकार ने भी शक्कर की जमाखोरी की आशंका के बीच अब 1 अगस्त से कारोबारियों के लिए चार हजार क्विंटल के स्टॉक सीमा तय कर दी है।
कारोबारियों का कहना है कि, गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ने और गन्ने का उपयोग एथेनाल बनाने में होने के कारण शक्कर की कमी हो रही है, जिसके कारण दाम बढ़ रहे हैं। उत्पादक कारोबारी हमेशा से ही त्योहारी सीजन से पहले एक-एक करके कई चीजों के दाम बढ़ा देते हैं। इसी कड़ी में अब शक्कर के दाम में आग लगी है। एक माह पहले तक शक्कर के दाम थोक में 38 से 40 रुपए और चिल्हर में 42 से 44 रुपए थे, लेकिन अब इसके दाम अचानक से करीब दस रुपए बढ़ गए हैं।
शक्कर की कीमत के ठीक त्योहारी सीजन के पहले बढ़ने को लेकर जानकारों का कहना है कि इसके पीछे जमाखोरी संभव है। त्योहारी सीजन से पहले कारोबारी स्टॉक कर लेते हैं ताकि त्योहारी सीजन में ज्यादा दाम पर इसको बेचा जा सके। शक्कर कारखानों से बाजार में भरपूर स्टॉक आने की बात की जा रही है।
कारोबारियों का कहना है कि शक्कर की कमी का कारण एथेनाल भी है। अब गन्नों से एथेनाल बनने के कारण गन्ने की कीमत में इजाफा हो गया है। सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य भी बढ़ाकर 365 रुपए क्विंटल कर दिया है। ऐसे में खुले बाजार में गन्ने की कीमत और बढ़ गई है। खुले बाजार में चार सौ रुपए क्विंटल से ज्यादा दाम हो गए हैं। ऐसा होने से शक्कर का लागत मूल्य बढ़ने के कारण शक्कर की कीमत में इजाफा हो रहा है। किसान अपना ज्यादातर गन्ना एथेनाल बनाने के लिए दे रहे हैं तो शक्कर के कारखानों में गन्ने की कमी हो रही है।
डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष प्रेम पाहूजा ने बताया कि, शक्कर के दाम थोक में इस समय 49 से 50 रुपए किलो हैं। पहली बार इतनी कीमत हुई है। प्रदेश में महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश से शक्कर आती है।
