वर्ल्डकप में भारतीय विमेंस हॉकी टीम की सबसे बड़ी जीत, साउथ अफ्रीका को 6-1 से हराया
भारत ने विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका को 6-1 से हरा दिया। टीम इस जीत के साथ पुल-D के पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच गई है। टॉप-8 में पहुंचने के लिए टीम को आखिरी मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉ खेलना होगा। हारने कि स्थिति में चीन के खिलाफ साउथ अफ्रीका के जीत की दुआ करनी होगी।
भारत की यह जीत विमेंस वर्ल्ड कप में उसकी अब तक की सबसे बड़ी जीत है। भारतीय महिलाओं ने इससे पहले इस टूर्नामेंट में अपनी सबसे बड़ी जीत 1974 में स्पेन के खिलाफ दर्ज की थी। तब भारतीय विमेंस टीम ने 4-1 से जीत हासिल की थी।
एम्सटेलवीन में खेले गए पूल-D के मुकाबले में पहले क्वार्टर में सुनेलिता टोप्पो ने गोल कर भारत का खाता खोला। इसके बाद नवनीत कौर और सुशीला चानू के गोल से भारत ने 3-0 से बढ़त बनाई। फिर दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने गोल कर स्कोर 6-0 कर दिया। साउथ अफ्रीका के लिए एकमात्र गोल डी वाल कायला ने 55वें मिनट में किया।
भारत ने दूसरे क्वार्टर की शुरुआत भी तेज की। 17वें मिनट में नवनीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार गोल किया। उन्होंने एंगल बदलते हुए लो और तेज शॉट लगाया, जिसे साउथ अफ्रीकी गोलकीपर रोक नहीं सकीं। इसके साथ भारत की बढ़त 2-0 हो गई।
इसके बाद भारत ने साउथ अफ्रीका पर दबाव बनाए रखा। लगातार सर्कल एंट्री और तेज पासिंग के जरिए भारतीय टीम गोल के मौके बनाती रही। 24वें मिनट में भारत को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले।
25वें मिनट में भारत ने तीसरा गोल किया। दीपिका के ड्रैगफ्लिक को साउथ अफ्रीका की पहली रशर से डिफ्लेक्शन मिला और गेंद सुशीला के पास पहुंची। सुशीला ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। भारत ने 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली।
भारत इसके बाद भी लगातार अटैक करता रहा। 27वें मिनट में टीम को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। दीपिका के ड्रैगफ्लिक को गोलकीपर ने बचाया, लेकिन रिबाउंड पर भी भारत ने दबाव बनाए रखा।
भारत ने टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला था। भारत ने उस मैच में दो बार बढ़त बनाई, लेकिन चीन ने दोनों बार वापसी की। नवनीत कौर और दीपिका ने भारत के लिए गोल किए थे।
चीन के खिलाफ भारत ने मैच के 8वें मिनट में नवनीत के गोल से बढ़त बनाई थी। इसके बाद दीपिका ने 25वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को फिर आगे किया था।
